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पर्वतीय क्षेत्रों में घर बनाने के लिए बढ़ी धनराशि: मंत्री ने अनुदान को नाकाफी बताते हुए अटल आवास योजना का पैसा बढ़ाने के दिए निर्देश
Fri, 01 Apr 2022 03:25 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 01 Apr 2022 03:25 PM IST
सार
समाज कल्याण मंत्री चंदनराम दास ने समीक्षा के दौरान कहा कि अटल आवास योजना में पर्वतीय क्षेत्र में 38 हजार एवं मैदानी क्षेत्र में 35 हजार रुपये की धनराशि दी जा रही है, जो आवास बनाने के लिए बहुत कम है। इस धनराशि को बढ़ाकर एक लाख 20 हजार रुपये किया जाए।
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पैसा
- फोटो : istock
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विस्तार
समाज कल्याण मंत्री चंदनराम दास ने विभागीय अधिकारियों को पर्वतीय क्षेत्रों में अटल आवास योजना की धनराशि बढ़ाकर एक लाख 20 हजार रुपये करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में बताया गया कि पर्वतीय क्षेत्रों में घर बनाने के लिए 38 हजार रुपये के अनुदान का प्रावधान है। मंत्री ने इसे नाकाफी बताते हुए अधिकारियों को धनराशि बढ़ाने का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। साथ ही जनजाति कल्याण योजनाओं की समीक्षा करते हुए हर जनजाति क्षेत्र के समग्र विकास के निर्देश दिए।
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मंत्री ने कहा कि जनजाति कल्याण की योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से अधिक से अधिक धनराशि प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। समीक्षा के दौरान मंत्री ने निर्देश दिए कि अटल आवास योजना में पर्वतीय क्षेत्र में 38 हजार एवं मैदानी क्षेत्र में 35 हजार रुपये की धनराशि दी जा रही है, जो आवास बनाने के लिए बहुत कम है। इस धनराशि को बढ़ाकर एक लाख 20 हजार रुपये किया जाए।
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इसके अलावा जनजातीय क्षेत्रों में विद्यालयों के पास जनजाति छात्रावासों का निर्माण किया जाए। ऐसे छात्रावास बनाए जाएं जिनमें आवास और भोजन की व्यवस्था हो। विभागीय मंत्री ने कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय बाजपुर की भूमि के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्थगन आदेश दिया है, जिससे स्कूल के भवन का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
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ऐसे में बाजपुर में अतिरिक्त भूमि का विकल्प देखते हुए चयन की कार्यवाही की जाए। मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जनजाति क्षेत्रों में स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसर प्रदान किए जाने के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाए। बैठक में निदेशक जनजाति कल्याण एसएस टोलिया, अपर निदेशक जनजाति कल्याण योगेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।