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आरोपी डॉक्टर को ही सौंप दी मामले की जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 07 Aug 2016 02:04 AM IST
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दून मेडिकल कॉलेज
- फोटो : AmarUjala
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राजकीय दून मेडिकल कॉलेज टीचिंग अस्पताल में ऑपरेशन के बाद मरीजों की आंखों में हुए संक्रमण के मामले में प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता ने नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुशील ओझा को जांच के निर्देश दिए हैं। खास बात यह है कि जिन मरीजों को संक्रमण हुआ उनमें से एक का उपचार खुद डॉ. सुशील ओझा कर रहे थे। प्राचार्य के अनुसार जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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अस्पताल में कुछ समय पूर्व चार मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद मरीजों की आंखों में इंफेक्शन हो गया। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुशील ओझा ने बताया कि एक मरीज उनकी, एक डॉ. राजकेश पांडेय और दो डॉ. रूपलीन की देखरेख में थे। शुरुआत में ओटी में संक्रमण का स्तर ज्यादा होने का हवाला देते हुए चिकित्सकों ने खुद को बचाने की कोशिश की। लेकिन जानकारों के अनुसार ओटी में संक्रमण ज्यादा होने के बावजूद मरीज की सुरक्षा से समझौता कर ऑपरेशन करने का मामला भी गंभीर है। शनिवार को अमर उजाला ने यह मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसका संज्ञान लेते हुए मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता ने डॉ. ओझा को 11 अगस्त तक रिपोर्ट जमा कराने के निर्देेश दिए हैं।
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ऑपरेशन दोबारा शुरू
प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता ने बताया कि नेत्र रोग विभाग की ओटी लगातार तीन कल्चर टेस्ट में नेगेटिव मिली है। इसके बाद ओटी में ऑपरेशन दोबारा शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मरीजों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
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डॉक्टरों की जुबान खोलने पर रोक
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों के मीडिया और सोशल मीडिया पर अस्पताल संबंधित सूचना या बयान देने पर रोक लगा दी है। प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता ने कार्यालय ज्ञाप जारी कर इसके निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की सूचना देने के लिए केवल चिकित्साधीक्षक और प्राचार्य ही अधिकृत होंगे। डॉ. गुप्ता ने बताया कि विभागाध्यक्ष मीडिया को गलत और अधूरी सूचनाएं दे रहे हैं। यही कारण है कि उन्हें ऐसा ना करने को कहा गया है।