DGP के खिलाफ मानवाधिकार हनन मामले में जांच
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सस्पेंड दारोगा निर्विकार के मानवाधिकार हनन के मामले में राज्य सरकार ने डीजीपी बीएस सिद्धू के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में जांच कर रिपोर्ट तलब की है।
अपर मुख्य सचिव एस रामास्वामी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रमुख सचिव गृह डॉ. उमाकांत पंवार ने इस आशय के आदेश जारी होने की पुष्टि की है। रामास्वामी को दस मार्च तक जांच पूरी कर शासन को देनी है। आयोग में इस मामले की अगली सुनवाई 28 मार्च को होगी।
दरअसल, यह जांच 22 महीने से सस्पेंड चल रहे दारोगा निर्विकार की शिकायत पर शुरू हुई है। राज्य मानवाधिकार आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए निर्विकार ने कहा कि डीजीपी बीएस सिद्धू के खिलाफ उन्होंने शासन से लिखित शिकायतें की हैं, लेकिन हर शिकायत पर शासन पीएचक्यू से आख्या लेकर फाइल को दाखिल दफ्तर कर देता है।
डीजीपी के खिलाफ जांच की निर्विकार को मिली सजा
निर्विकार ने आयोग को बताया कि डीजीपी के खिलाफ शिकायत करता हूं तो जांच नहीं होती, उल्टे उनके (निर्विकार) विरुद्ध जांचें शुरू कर मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। निर्विकार ने आयोग को बताया कि उन्होंने, सिद्धू द्वारा अवैध तरीके से क्रय की गई रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन की जांच की थी, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
सुनवाई के बाद विगत 05 जनवरी को आयोग ने आदेश जारी कर प्रमुख सचिव गृह को कहा कि सस्पेंड दारोगा की डीजीपी के खिलाफ की गई शिकायतों की जांच कर दो महीने में रिपोर्ट प्रस्तुत करें और पुलिस महकमे को इस जांच से दूर ही रखा जाए। इसलिए प्रमुख सचिव गृह स्वयं इस मामले की जांच करें।
इसकी अगली सुनवाई 28 मार्च को होगी। आयोग में इस मामले की सुनवाई सदस्य हेमलता ढौंढियाल कर रही हैं। हालांकि शासन ने इस मामले में प्रमुख सचिव के बजाय जांच अपर मुख्य सचिव से कराने का निर्णय लिया।
ऐसे मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला
जमीन की जांच से निशाने पर आए सस्पेंड दारोगा निर्विकार ने करीब दो साल से डीजीपी के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। शुरूआती दौर में आरटीआई का सहारा लिया, लेकिन पर्याप्त सूचना नहीं मिली तो वह सूचना आयोग पहुंच गए। सूचना आयुक्त राजेंद्र कोटियाल ने मामले में प्रथम दृष्टया दरोगा के अधिकारों का हनन मानते हुए मामले को अप्रैल 2015 में मानवाधिकार आयोग को भेजा।
मानवाधिकार आयोग ने लंबे समय से सस्पेंड दारोगा की डीजीपी बीएस सिद्धू के खिलाफ की गई शिकायतों की जांच करने का आदेश दिया है। सीएम व मुख्य सचिव का अनुमोदन मिलने के बाद इस मामले में अपर मुख्य सचिव एस रामास्वामी को जांच अधिकारी नामित कर दस मार्च तक रिपोर्ट मांगी है।
-डॉ. उमाकांत पंवार, प्रमुख सचिव गृह