{"_id":"17ce044ff458cc936a099d47c576d530","slug":"innovative-movable-toilet-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चलते-फिरते टॉयलेट को देख सबने कहा, वाह...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चलते-फिरते टॉयलेट को देख सबने कहा, वाह...
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 08 Nov 2014 02:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रमसा और एससीईआरटी की ओर से एमकेपी इंटर कॉलेज में आयोजित विज्ञान महोत्सव में बाल वैज्ञानिकों ने कई शानदार मॉडल प्रस्तुत किए। महोत्सव में चलते-फिरते टायलेट और ऊर्जा संरक्षण पर मॉडल को खूब सराहा गया।
विज्ञापन
गंदगी फैलने से रोकी जा सकती है
विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि शिक्षा निदेशक चंद्र सिंह ग्वाल ने किया। महोत्सव में जीआईसी दूधली के नवीं कक्षा के छात्र साहिल खान और आकाश कुमार ने लोहे एवं थर्माकोल के इस्तेमाल से चलता-फिरता टायलेट का मॉडल पेश किया। बताया कि बाजार और मेलों में आने वाले लोगों को टायलेट की दिक्कत होती है। ऐसे में चलता-फिरता टायलेट रखकर गंदगी फैलने से रोकी जा सकती है।
विज्ञापन
स्कूल के अनुज पंवार और राकेश कुमार ने विज्ञान एवं गणित की युगानकारी घटनाओं पर मॉडल प्रस्तुत किया। फूल चंद नारी शिल्प मंदिर की बालिकाओं ने धुएं से बिजली बनाने, जीआईसी पौंधा और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोटड़ा संतूर के बच्चों ने कूड़ा निस्तारण पर मॉडल बनाया।
विज्ञापन
उन्होंने दर्शाया कि हरमिशिया कीट किस तरह से कूड़े का अपघटन कर इसे जैविक खाद के बदलता है। ये कीट कूड़े से आने वाली बदबू को भी खत्म करता है। महोत्सव में मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी खाली, जिला शिक्षा अधिकारी सीएन काला, जिला विज्ञान समन्वयक सोहन सिंह रावत, डा. बीपी पुष्पकार आदि शामिल थे।