'जंग के मैदान' में एक दूसरे के अत्याधुनिक हथियारों से रूबरू हुए भारत-अमेरिका के जवान
चौबटिया छावनी में भारत और अमेरिका के संयुक्त युद्धाभ्यास के दूसरे दिन दोनों देशों के सैनिकों ने एक दूसरे के अत्याधुनिक हथियारों को जांचा परखा। आधुनिक संचार उपकरणों से भी सैनिक रूबरू हुए। जवानों की शारीरिक प्रशिक्षण, लेक्चर क्लासेस और खेलकूद गतिविधियां भी जारी रहीं।
मंगलवार को चौबटिया के गरुड़ा मैदान में इंडो-अमेरिकी सेना की ओर से हथियारों की प्रदर्शनी लगाई गई । इसमें दोनों देशों की ओर से अत्याधुनिक हथियारों को शामिल किया गया था। सैनिकों ने एक दूसरे को हथियारों की खूबियों के बारे में बताया गया।
लंबी दूरी तक मारक क्षमता वाले राकेट लांचर, मोर्टार लांचर, मशीन गन, नाईट विजन उपकरणों को प्रदर्शनी में शामिल किया गया। फील्ड ट्रेनिंग में भी दोनों देशों के सैनिक हिस्सा ले रहे हैं।
हजारों मीटर मारक क्षमता के हथियारों की तकनीक की साझा
भारत और अमेरिकी सेना की ओर से हजारों मीटर दूरी तक मारक क्षमता वाले हथियारों के संचालन की तकनीक को साझा किया गया। अमेरिका की ओर से एम-2, 50 कैलीवर मशीनगन, एम-2, 40 ब्रावो एचएमजी हैवी मशीनगन दोनों की मारक क्षमता 67 सौ मीटर है। इससे बख्तरबंद वाहन और अन्य प्रकार के ऑबजेक्ट का सफाया किया जा सकता है। एमके 19 ग्रेनेड लांचर, एम-4 राइफलें, एम-4 मशीनगन, 81 एमएम मोर्टार, एम 1057.50 स्नेफर की भी प्रदर्शन किया गया। भारत की ओर से बैटल फील्ड सर्विलांस रडार इससे युद्ध क्षेत्र में सूचनाओं के आदान-प्रदान में मदद मिलती है। एमएम मोर्टार 81 इस उपकरण से टैंक आदि को ध्वस्त किया जा सकता है। एटीजीएम मिसाइल, 84 एमएम राकेट लांचर आदि का प्रदर्शन किया गया।
मेजर जनरल एनजे जार्ज ने किया हथियारों का निरीक्षण
मेजर जनरल एनजे जार्ज ने किया हथियारों का निरीक्षण
हथियारों की प्रदर्शनी का निरीक्षण करने के लिए सूर्य कमांड लखनऊ के मेजर जनरल एनजे जार्ज भी सुबह यहां चौबटिया छावनी पहुंचे। उन्होंने युद्धाभ्यास में चल रही गतिविधियों का जायजा लिया। अमेरिकी सेना के जवानों ने उन्हें उपकरणों के बारे में जानकारी दी।
वार्ता में मेजर जनरल ने कहा कि दोनों सेनाएं एक दूसरे के अनुभवों को साझा कर रहे हैं। दोनों देशों के हथियार तकनीकी रूप से अलग जरूर हैं, लेकिन मारक क्षमता समान हैं। उनके साथ मेजर जनरल कवींद्र सिंह, अमेरिका के मेजर जनरल विलियम ग्राह्म सहित तमाम सैन्य अधिकारी मौजूद थे।
पर्यटक स्थलों का भी भ्रमण करेंगे सैनिक
युद्धाभ्यास में भाग लेने पहुंचे अमेरिकी सेना के जवान यहां के माहौल से काफी खुश नजर आए। अमेरिकी सैनिकों का कहना था कि युद्धाभ्यास के लिए भारत का महौल अच्छा है। खासतौर पर वे लोग चौबटिया के प्राकृतिक सौंदर्य से वशीभूत नजर आए। भारतीय सैन्य अधिकारियों ने बताया कि युद्धाभ्यास के लिए पहुंचे सैनिकों को आसपास के पर्यटक स्थलों का भी भ्रमण कराया जाएगा।