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मुझे सीएम बनना है... कहते हुए दिल्ली गईं इंदिरा
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 11 Jan 2014 11:13 AM IST
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कैबिनेट मंत्री इंदिरा हृद्येश ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि प्रदेश में अगर नेतृत्व परिवर्तन हो रहा है तो मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में वे भी शामिल हैं।
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पिछले कुछ समय से कांग्रेस के विभिन्न धड़ों से दूरी रख रहीं इंदिरा हृद्येश ने कहा कि हाईकमान ने उन पर भरोसा जताया तो कांग्रेस फायदे में ही रहेगी। विधानसभा में सर्वदलीय बैठक केबाद इंदिरा हृद्येश ने पीडीएफ के मंत्री प्रीतम पंवार से बात की और इसके बाद दिल्ली रवाना हो गईं।
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17 जनवरी तक होगा फैसला
विधानसभा में सर्वदलीय बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब इंदिरा हृद्येश ने कहा कि लोक सभा चुनाव को देखते हुए राज्यों में संगठन और सरकारों में बदलाव पर दिल्ली में मंथन जारी है। जल्द ही बदलावों पर फैसला भी होगा।
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उन्होंने कहा कि यह फैसला 17 तक हो जाएगा और 17 तक न हुआ तो इसके बाद एक हफ्ते बाद तक तस्वीर साफ हो जाएगी। पर इतना साफ है कि कांग्रेस प्रयोग करने की स्थिति में नहीं है। जो भी फैसला होगा वह काफी सोच समझकर ही लिया जाएगा।
खुलकर रखा अपना दावा
मुख्यमंत्री बनने की चर्चाओं के बीच इंदिरा हृद्येश ने अपना दावा सामने रखने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाई। इंदिरा ने कहा कि हाईकमान ने उन पर भरोसा जताया तो कांग्रेस फायदे में ही रहेगी। वरना वे कांग्रेस की सिपाही तो हैं हीं।
उन्होंने कहा कि 1974 से वे विधायक हैं। उनका अधिकार भी बनता है। सदन चलता है तो सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर होती है।
बाहर आ रही अंदरूनी लड़ाई
इंदिरा हृद्येश की इस साफगोई के बाद अब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही उठापटक सतह पर आने की उम्मीद भी है।
फिलहाल यह माना जा रहा है कि उत्तराखंड को लेकर हाईकमान का कोई भी फैसला प्रदेश में विधानसभा सत्र के बाद ही लिया जाएगा। सत्र फिलहाल 16 जनवरी तक का माना जा रहा है। ऐसे मे अगर कोई फैसला हुआ तो वह 17 को होगा।
प्रदेश आलाकमान से हैं नाराज
मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर इंदिरा हृद्येश की नाराजगी जगजाहिर है और पिछले कुछ समय से इंदिरा हृद्येश ने कांग्रेस के विभिन्न कैंपों से दूरी बनाकर भी रखी हुई है।
दिल्ली के सर्किल में एक बार इंदिरा हृद्येश का नाम मुख्यमंत्री के लिए उछला भी था पर इंदिरा ह्द्येश उस समय इस तरह से मुखर नहीं हुई थीं।