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महिला दिवस पर इंदिरा ने निकाली दिल की भड़ास
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 08 Mar 2014 12:36 AM IST
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वित्त मंत्री इंदिरा ह्दयेश ने राजनैतिक दलों के साथ-साथ अपनी पार्टी में महिलाओं की उपेक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि आज भी पुरुष प्रधान समाज में महिलायें अपने सम्मान एवं अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं।
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राहुल पर नहीं हो रहा महिलाओं को भरोसा
उनका कहना है कि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ऐलान किया है कि विधान सभाओं और संसद में महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देंगे। यदि उनके वादे के अनुसार महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा तो देश की महिलाएं राहुल गांधी के पीछे खड़ी हो जाएंगी।
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महिला शक्ति को अभी भी भरोसा नहीं हो रहा है कि उन्होंने अब तक जो वादे किये हैं, वे पूरे भी होंगे या नहीं।
महिला आरक्षण बिल का मसला उठाया
आदि काल से महिलाओं के प्रति समाज का रवैया रूढ़िवादी रहा है। संसद में इतने वर्षों के बाद भी महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो पाया।
यदि राजनैतिक दल ईमानदार हैं तो अपनी-अपनी पार्टियों की महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था करें। महिला प्रधान राज्य में मातृशक्ति सामाजिक, आर्थिक व्यवस्था का आधार हैं।
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महिला दिवस पर उत्तराखण्ड की महिला शक्ति यह शपथ लेती हैं कि महिलाओं की समस्याओं की लड़ाई संगठित होकर लड़ेंगी। मैं समय निकालकर पूरे राज्य का दौरा करूंगी और पूरे राज्य की महिलाओं को संगठित करने एवं उन्हें न्याय दिलाने की लड़ाई की अगुवाई भी करूंगी।
लैंगिक भेदभाव स्वीकार नहीं: रावत
भारत में मातृ-शक्ति की प्रतिष्ठा सदा से रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं ने आज के बदलते समय के साथ अपनी पहचान बनाई है और विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभा का परिचय दिया है। आज के युग में लैंगिक भेदभाव को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।