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अच्छी खबर: देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे के निर्माण का रास्ता साफ, केवल ढाई घंटे का रह जाएगा सफर

Sun, 10 Jan 2021 10:18 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 10 Jan 2021 10:18 AM IST
सार

  • जनवरी 2019 में एनएचएआई ने दी थी मंजूरी, भारतीय वन्यजीव बोर्ड से अनुमति पर अटका था मामला 
  • करीब 180 किलोमीटर बनना है एक्सप्रेसवे, मात्र ढाई घंटे में पहुंच सकेंगे दिल्ली
  • दून से सहारनपुर, शामली, बागपत होते हुए दिल्ली से जुड़ेगा एक्सप्रेसवे  

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Indian Wildlife Board approved the project of Dehradun Delhi Expressway
एक्सप्रेसवे (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे बनने का रास्ता साफ हो गया है। भारतीय वन्यजीव बोर्ड ने इस परियोजना को हरी झंडी दे दी है। 180 किलोमीटर के इस एक्सप्रेस के बनने से देहरादून से दिल्ली मात्र ढाई घंटे में ही पहुंचा जा सकेगा। यह एक्सप्रेसवे दून से सहारनपुर, शामली, बागपत होते हुए दिल्ली से जुड़ेगा। 

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देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे के लिए पिछले साल जनवरी में मंजूरी दी गई थी। उस समय एनएचएआई के चेयरमैन एसएस संधू ने कहा था कि यह एलिवेटिड रोड होगा। इसमें कुछ हिस्सा राजाजी पार्क और कुछ हिस्सा उत्तर प्रदेश के वन क्षेत्र का है। इसी को देखते हुए एनएचएआई ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भारतीय वन्यजीव बोर्ड से सहमति के लिए कोशिश का आग्रह किया था। 
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यह भी पढ़ें: उम्मीद 2021: दो साल में चारों दिशाओं से एक्सप्रेस वे से जुड़ जाएगी राजधानी देहरादून
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मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग ने बताया कि हाल ही में भारतीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना के तहत देहरादून के निकट डाटकाली मंदिर के पास राज्य की सीमा पर सुरंग का निर्माण भी किया जाना है।

करीब 2.5 हजार साल के पेड़ों के कटने का अनुमान

दरअसल, इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में उत्तर प्रदेश के गणेशपुर से लेकर देहरादून के बीच करीब 20 किलोमीटर के हिस्से में वन्यजीव बोर्ड की सहमति की जरूरत थी। यह हिस्सा राजाजी टाईगर रिजर्व पार्क और शिवालिक एलिफेंट रिजर्व पार्क का है।

इसमें साल का जंगल भी है और करीब 2.5 हजार साल के पेड़ों के कटने का अनुमान भी लगाया जा रहा है। शिवालिक क्षेत्र में साल के पेड़ों के कटने को लेकर ही पर्यावरणविद चिंता भी जाहिर कर रहे हैं। इनका कहना है कि साल का पेड़ वृद्धि में लंबा समय लेता है। वन विभाग के मुताबिक भारतीय वन्यजीव बोर्ड ने न्यूनतम नुकसान के आधार पर यह मंजूरी दी है। एक्सप्रेसवे को दिल्ली और देहरादून की कनेक्टिविटी के लिहाज से प्रदेश सरकार महत्वपूर्ण मान रही है।

एक्सप्रेसवे से दिल्ली और देहरादून के बीच की सड़क मार्ग से आवागमन आसान होगा, यह प्रदेश के लिए वरदान साबित होगा। पर्यावरण के नुकसान को कम से कम करने का प्रयास किया जा रहा है और इस पर नजर भी रखी जाएगी। 
-हरक सिंह, वन मंत्री उत्तराखंड

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