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भारतीय नववर्ष प्रकृति से जुड़ने की प्रेरणा देता है : प्रो. सुरेखा डंगवाल
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दून विश्वविद्यालय में भारतीय नव वर्ष के उपलक्ष्य में ‘विरासत’ थीम के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि भारतवर्ष में नववर्ष विक्रम संवत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से आरंभ होता है। यह प्रकृति से जुड़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि नववर्ष की शुरुआत में प्रकृति में भी नयापन आता है। वृक्षों पर पतझड़ के बाद नई कोंपलें और पत्ते आने लगते हैं। वाटिकाएं फूलों से भर जाती हैं। यह प्रकृति से मनुष्य के जुड़ाव की प्रेरणा को दर्शाता है। नववर्ष की हरियाली मन को प्रसन्नता देती है। विक्रम संवत 2081 नव संवत्सर के कार्यक्रम का आयोजन दून विश्वविद्यालय के छात्र परिषद् और सांस्कृतिक समिति ने आयोजित किया। इसमें छात्रों ने नववर्ष की थीम पर पोस्टर बनाना, रंगोली, गायन, नृत्य और कवि सम्मेलन का आयोजन किया।
नववर्ष की उपयोगिता के प्रमाण दिए
संस्कृत विभाग की फैकल्टी डॉ. राजेश शर्मा ने भारतीय नववर्ष की वैज्ञानिकता पर अपने विचार रखे और वेदों का संदर्भ देते हुए नव वर्ष की उपयोगिता के प्रमाण दिए। इस कार्यक्रम के दौरान डीएसडब्ल्यू प्रो. एचसी पुरोहित, डॉ. चेतना पोखरियाल, चीफ वार्डन डॉ. सुनीत नैथानी, परीक्षा नियंत्रक डॉ. नरेंद्र रावल, डॉ. राजेश भट्ट, दीपिका भाटिया, डॉ. राकेश भट्ट, छात्र परिषद अध्यक्ष दीपांशु शर्मा, रजनीश पासवान, रमन कांत, शिवानी नौटियाल, उद्भव शर्मा सहित विश्वविद्यालय के छात्र उपस्थित रहे। छात्र परिषद् के अध्यक्ष दीपांशु शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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उन्होंने कहा कि नववर्ष की शुरुआत में प्रकृति में भी नयापन आता है। वृक्षों पर पतझड़ के बाद नई कोंपलें और पत्ते आने लगते हैं। वाटिकाएं फूलों से भर जाती हैं। यह प्रकृति से मनुष्य के जुड़ाव की प्रेरणा को दर्शाता है। नववर्ष की हरियाली मन को प्रसन्नता देती है। विक्रम संवत 2081 नव संवत्सर के कार्यक्रम का आयोजन दून विश्वविद्यालय के छात्र परिषद् और सांस्कृतिक समिति ने आयोजित किया। इसमें छात्रों ने नववर्ष की थीम पर पोस्टर बनाना, रंगोली, गायन, नृत्य और कवि सम्मेलन का आयोजन किया।
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नववर्ष की उपयोगिता के प्रमाण दिए
संस्कृत विभाग की फैकल्टी डॉ. राजेश शर्मा ने भारतीय नववर्ष की वैज्ञानिकता पर अपने विचार रखे और वेदों का संदर्भ देते हुए नव वर्ष की उपयोगिता के प्रमाण दिए। इस कार्यक्रम के दौरान डीएसडब्ल्यू प्रो. एचसी पुरोहित, डॉ. चेतना पोखरियाल, चीफ वार्डन डॉ. सुनीत नैथानी, परीक्षा नियंत्रक डॉ. नरेंद्र रावल, डॉ. राजेश भट्ट, दीपिका भाटिया, डॉ. राकेश भट्ट, छात्र परिषद अध्यक्ष दीपांशु शर्मा, रजनीश पासवान, रमन कांत, शिवानी नौटियाल, उद्भव शर्मा सहित विश्वविद्यालय के छात्र उपस्थित रहे। छात्र परिषद् के अध्यक्ष दीपांशु शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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