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भाजपा के गढ़ कर्णप्रयाग में अपनों ने बढ़ाई पार्टी की मुश्किलें, अस्पताल से स्कूल तक आंदोलनों ने बढ़ाई चुनौती

Tue, 13 Oct 2026 11:11 AM IST
Renu Saklani लक्ष्मी प्रसाद कुमेड़ी, संवाद न्यूज एजेंसी, कर्णप्रयाग (चमोली)
लक्ष्मी प्रसाद कुमेड़ी, संवाद न्यूज एजेंसी, कर्णप्रयाग (चमोली) Published by: Renu Saklani Updated Tue, 13 Oct 2026 11:11 AM IST
सार

उत्तराखंड की कर्णप्रयाग विधानसभा सीट पर भाजपा का दबदबा रहा है, लेकिन इस बार चुनाव से पहले पार्टी को अपनों के ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है। सिमली में बेस अस्पताल, नैनीसैंण में शिक्षकों की मांग और अधूरी घोषणाओं को लेकर उठ रहे सवाल भाजपा के लिए नई चुनौती बन रहे हैं। 

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BJP Faces trouble in karnaprayag as its own leaders protest ahead of 2027 uttarakhand assembly elections
कर्णप्रयाग विधानसभा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

भाजपा का गढ़ रही कर्णप्रयाग विधानसभा में इन दिनों भाजपा के लिए अपने ही मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। सिमली में बेस अस्पताल को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन का नेतृत्व भाजपा के पूर्व पदाधिकारी कर रहे हैं। यही नहीं विधानसभा के नैनीसैंण स्कूल में शिक्षकों की मांग भाजपा के जिला पदाधिकारी आंदोलन कर रहे हैं। तो पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी भी विधानसभा में हुई घोषणाओं को लेकर मुखर हो रहे हैं।

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वर्ष 2002 से 2022 तक हुए पांच आम चुनावों में यहां चार बार लोगों ने भाजपा को समर्थन दिया। केवल वर्ष 2012 के विस चुनावों में यहां कांग्रेस से दिवंगत डा. एपी मैखुरी विधायक बने। लेकिन इस बार विस चुनावों से पहले आंदोलन हो रहे हैं। सिमली बेस अस्पताल के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र सिंह नेगी लगातार मुखर हैं। वह भाजपा से पूर्व में जिपंस और मंडल महामंत्री रहे हैं। अब वह बेस अस्पताल नहीं मिलने पर भाजपा से त्यागपत्र देने की बात कह रहे हैं।

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धरातल पर भाजपा सरकार को पूरी तरह विफल: सुरेश डिमरी
वहीं नैनीसैंण इंटर कॉलेज में शिक्षकों की मांग को लेकर भाजपा के सोशल मीडिया विभाग के पदाधिकारी, पूर्व में भाजयुमो के ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रहे राकेश नेगी मुखर हैं। वह शिक्षकों की मांग को लेकर बीते 28 सितंबर से नंगे पांव चल रहे हैं। पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी भी गैरसैंण में ग्रीष्मकालीन राजधानी परिक्षेत्र के विकास, झील निर्माण सहित अन्य घोषणाओं पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज हैं। वहं कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुरेश डिमरी धरातल पर भाजपा सरकार को पूरी तरह विफल बता रहे हैं।

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जनसमस्याओं को उठाना अच्छी बात है। सभी समस्याओं के लिए विधायक और संगठन अपने स्तर पर सीएम धामी, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव सहित शिक्षा मंत्री से लगातार वार्ता कर रहे हैं। जल्द समस्याओं का निस्तारण होगा। पार्टी पदाधिकारियों को उचित फोरम पर अपनी बात रखनी चाहिए। पूर्व विधायक से वार्ता की जाएगी। -गजपाल बल्र्वाल, जिलाध्यक्ष भाजपा चमोली।



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महिला बेस अस्पताल का नाम बेस अस्पताल कर दिया है। यह भी किसी न किसी निर्देश से ही हुआ होगा। कुछ मानकों के शिथिलीकरण की प्रक्रिया के चलते इसका शासनादेश जारी नहीं हो पाया। लगातार सीएम और सचिव स्तर पर इसकी वार्ता हो रही है। लोगों को सब्र रखना चाहिए। जल्द ही इसका शासनादेश जारी होगा। शिक्षकों, सड़कों सहित सभी समस्याएं हल हो रही हैं। -अनिल नौटियाल, विधायक कर्णप्रयाग।
 

 

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