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भारतीय संरक्षण सम्मेलन-2025: बोले भूपेंद्र यादव-हरा भरा भारत बनाने के लिए परंपरा और विज्ञान में तालमेल हो

Wed, 25 Jun 2025 11:45 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 25 Jun 2025 11:45 PM IST
सार

केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने नसीहत देते हुए कहा कि जंगल से सबको निकाल देंगे और जंगल सुरक्षित हो जाएगा, यह कल्पना न करें। दबावों के बीच प्राकृतिक आधारित समाधान निकालना होगा।

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Indian Conservation Conference-2025 Union Minister Bhupendra Yadav Told About  green India
केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि परंपरा और विज्ञान के तालमेल को लेकर चलना होगा। तभी हम विकसित भारत में हरा भरा भारत बना पाएंगे। केंद्रीय मंत्री बुधवार को भारतीय वन्यजीव संस्थान में भारतीय संरक्षण सम्मेलन-2025 के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

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उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि जंगल से सबको निकाल देंगे और जंगल सुरक्षित हो जाएगा, यह कल्पना न करें। दबावों के बीच प्राकृतिक आधारित समाधान निकालना होगा। अगर स्थानीय लोगों को जंगल से बाहर कर दोगे तो क्या जंगल सुरक्षित हो जाएगा। फिर वहां 10 हजार पर्यटकों के आने से जंगल ठीक रहता है तो निकाले जाने वाले लोगों से जंगल कैसे खराब हो जाएगा। जो भी नीति बनें उसमें मानवीय दृष्टिकोण होना चाहिए।
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इससे पूर्व उन्होंने मैनेजमेंट इफेक्टेविनेस इवैल्यूएशन रिपोर्ट: 438 नेशनल पार्क व वन्यजीव अभयारण्य का विमोचन भी किया। कार्यक्रम को डीजी फारेस्ट सुशील अवस्थी, भारतीय वन्यजीव संस्थान के निदेशक वीरेंद्र तिवारी ने संबोधित किया। इस दौरान वैज्ञानिक डॉ रुचि बडोला, डॉ बिलाल हबीब आदि मौजूद थे।
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प्रकृति संरक्षण का दायित्व सरकार के साथ समाज का
केंद्रीय वन मंत्री ने कहा कि प्रकृति संरक्षण का दायित्व सरकार के साथ समाज का भी है। अवनत वनों को बेहतर करने के लिए अपना योगदान देना चाहिए। ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम को पापुलर करने का प्रयास किया जा रहा है।


 

मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती
केंद्रीय वन मंत्री यादव ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती है। लोग सदियों से जंगल में रहते आए हैं, ऐसे में स्थानीय लोगाें के परंपरागत ज्ञान के भी उपयोग करने की जरूरत है। कैसे वे सहजीवन बिताते हुए आए हैं। 30 जून को कोलकाता में परंपरागत ज्ञान के डाक्यूूमेंटेशन को लेकर एक प्रोग्राम भी रखा गया है।

उपकरण खरीद के लिए स्टूडेंट को 25 हजार मिले
सम्मेलन में प्रतिभाग करने आए स्टूडेंट को बढ़ावा देने के लिए व्यवस्था की गई है। इसमें आठ चयनित छात्रों को अध्ययन में उपयोग में आने वाले उपकरणों के लिए 25 हजार की राशि का चेक केंद्रीय मंत्री ने दिया। भारतीय वन्यजीव संस्थान के निदेशक वीरेंद्र तिवारी ने बताया कि इस कार्यक्रम में शामिल होने आए 75 स्टूडेंट्स को यात्रा के लिए 15 हजार तक की भी राशि दी गई है।

अध्ययन को साझा किया
पूर्व इंडियन कंजरवेशन कांफ्रेंस में वैज्ञानिक हेमा सोमनाथन समेत अन्य वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन को साझा किया। वैज्ञानिक बिलाल हबीब ने बताया कि कांफ्रेंस में 500 वैज्ञानिक, पालिसी मेकर आदि प्रतिभाग कर रहे हैं।

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