फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   indian businessman earn from china

भारतीय व्यापारियों के लिए चीन में पक्की दुकान, इस साल अब तक लाखों का हुआ आयात

Mon, 24 Sep 2018 08:42 AM IST
दिनेश अवस्थी, अमर उजाला, पिथौरागढ़
दिनेश अवस्थी, अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Mon, 24 Sep 2018 08:42 AM IST
विज्ञापन
indian businessman earn from china
- फोटो : amar ujala

अंतरराष्ट्रीय भारत-चीन व्यापार पर भी इस बार मौसम की मार पड़ी है। गुंजी और पैदल पड़ावों पर स्टोरेज की उचित व्यवस्था न होने से बारिश में व्यापारियों का सामान खराब हो गया। जैसे-तैसे व्यापारी तिब्बती मंडी पहुंचे। लिहाजा, अब तक 29,67,486 रुपये का आयात और 86,43,840 लाख रुपये का निर्यात हुआ है। व्यापार 31 अक्तूबर तक होगा।

विज्ञापन


भारत से कॉफी, गुड़, मिश्री, सूरती, रेडीमेड कपड़े, एल्युमीनियम के बर्तन, माचिस आदि चीन में बेचा जाता है और वहां से याक की पूंछ, कंबल, जूते, स्वेटर, जैकेट, पश्मीना ऊन, चाय, छिरबी आदि खरीद कर व्यापारी लाते हैं। भारत-चीन व्यापार के लिए इस वर्ष 200 ट्रेड पास जारी किए गए। इस समय चीन के तकलाकोट में 47 व्यापारी और 81 हेल्पर कुल 128 लोग हैं।
विज्ञापन


लखनपुर-नजंग में रास्ता खराब होने से व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दो जुलाई को भारी बारिश के चलते व्यापारियों का अपना सामान नजंग में डंप करना पड़ा। चीन ने भारतीय व्यापारियों को तकलाकोट में पक्की दुकानें बना कर दी है, लेकिन इन व्यापारियों को अपने यहां ही समस्याओं से जूझना पड़ा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


भारतीय क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत संरचना का भी अभाव है। धारचूला के एसडीएम आरके पांडेय ने बताया कि पिछले वर्षों तक 30 सितंबर तक व्यापार होता था, लेकिन इस बार इसकी अवधि बढ़ाकर 31 अक्तूबर तक की गई है।
 

चीन के राशन पर निर्भर लोग

indian businessman earn from china
ration - फोटो : google

उच्च हिमालयी क्षेत्र के लोग चीन के राशन पर निर्भर हैं। ग्रामीणों को सरकार की ओर से माह का ढाई किलो चावल दिया जाता है। ऊपरी क्षेत्रों में कुट्टू  की फसल के अलावा कुछ नहीं होता। चीन ने भारतीय गांव गर्ब्यांग के पार बसे नेपाल के छांगरू और तिंकर गांवों को पूरी सुविधा दी है।

इन गांवों को पर्याप्त मात्रा में राशन दिया जा रहा है और आंतरिक मार्गों को देखरेख के लिए धन मुहैया कराया जाता है। सीतापुल होते हुए दोनों गांवों से चावल, आटा, रिफाइंड आदि खाद्य सामग्री गुंजी, गर्ब्यांग, रोंगकोंग, नाभि, नपलच्यू आदि गांवों में बिक्री के लिए पहुंचता है।

पांच दिन के लिए बढ़ी हवाई सेवा
रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के भ्रमण के दिन हवाई सेवा मुहैया कराई गई, लेकिन उस दिन के बाद से यह सेवा बंद है। एसडीएम आरके पांडेय ने बताया कि लोगों की परेशानी को देखते हुए पांच दिन के लिए हवाई सेवा की अवधि बढ़ाई गई है। मौसम साफ होने पर हवाई सेवा शुरू की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed