सैन्य सम्मान के साथ हुई रिक्रूट की अंत्येष्टि, 6 किलोमीटर पैदल कंधे पर शव लेकर पहुंचे घाट
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आर्मी कैंट रानीखेत में तैराकी का प्रशिक्षण लेने के दौरान काल के गाल में समाए धारी तहसील के गांव बबियाड़ निवासी रिक्रूट देवेंद्र सिंह संभल (20) की सोमवार को सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई।
बबियाड़ गांव में आर्मी कैंट के सूबेदार गिरीश चंद्रा के नेतृत्व में पहुंची सेना की टीम ने सलामी देकर देवेंद्र सिंह को पुष्प अर्पित किए। बड़े भाई तारा सिंह और चंदन सिंह ने रिक्रूट की चिता को मुखाग्नि दी।
बचपन से ही था सेना में जाने का शौक, प्रशिक्षण के समय काल के गाल में समाया रिक्रूट
इस मौके पर विधायक राम सिंह कैड़ा, दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा, प्रधान युगल किशोर, भाजपा नेता तारा दत्त पांडे, कांग्रेस नेता मनोज शर्मा, पटवारी पूरन गुणवंत, हेम पलड़िया, गणेश कैलारा, हरीश थुवाल, चंदन सिंह, देवेंद्र बोरा और दीपक दानी मौजूद थे। विधायक ने कहा कि जवान के परिजनों को सेना से 50 हजार की आर्थिक सहायता मिली है। लाडले बेटे की मौत से मां गोमती देवी बेसुध है।
कंधे में छह किमी तक शव लेकर पहुंचे घाट
रिक्रूट देवेंद्र सिंह संभल की अर्थी को ले जाने में सेना के जवानों और स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रधान युगल किशोर ने बताया कि पदमपुरी-हैड़ाखान मोटर मार्ग बीच में 200 मीटर क्षतिग्रस्त होने से रिक्रूट की अर्थी को छह किमी कंधे पर घाट तक लाया गया।
ग्रामीण क्षतिग्रस्त मोटर मार्ग को सही कराने की मांग करते रहे हैं, लेकिन मांग पूरी नहीं की जा सकी। ग्रामीणों ने उक्त मार्ग को सिमलिया-सलनी मोटर मार्ग से जोड़ने की मांग की है। रिक्रूट देवेंद्र सिंह संभल के अंतिम संस्कार में जिला प्रशासन के अधिकारियों के न पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।