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पर्यावरण प्रहरीः छह साल में उगाए 16 लाख पौधे

Fri, 24 Oct 2014 10:26 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, अल्मोड़ा
ब्यूरो / अमर उजाला, अल्मोड़ा Updated Fri, 24 Oct 2014 10:26 AM IST
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indian army environmental battalion.

भारतीय सेना की पर्यावरण बटालियन अल्मोड़ा नगर के नजदीक टाटिक, विश्वनाथ आदि इलाकों में अगले साल दो लाख पौधे लगाएगी। जबकि इस साल भी दो लाख पौधे लगाने का कार्य प्रगति पर है।

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2008 से सक्रीय हैं पर्यावरण बटालियन के जवान
पर्यावरण बटालियन के जवान 2008 से लेकर अब तक अल्मोड़ा के आसपास करीब 16 लाख पौधे लगा चुके हैं। वाहिनी के अधिकारियों का दावा है कि इनमें से अधिकांश पौधे जीवित हैं। यही नहीं, पर्यावरण वाहिनी ने अल्मोड़ा नगर क्षेत्र में पांडेखोला और कोसी कस्बे में एक-एक पार्क भी विकसित कर दिया है।
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जिले में 2008 में सेना की पर्यावरण बटालियन तैनात की गई थी। शुरू में बटालियन के जवानों ने मैणी, दौलाघट इलाके में कार्य किया। मैणी और विश्वनाथ में नर्सरी भी विकसित की गई है।
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पर्यावरण वाहिनी ग्राम सभाओं की खाली भूमि पर पौधे लगाने के बाद तीन-चार साल के भीतर ग्राम सभा के सुपुर्द कर देती है। वाहिनी के प्रभारी ले. कर्नल रोहित मिश्रा ने बताया कि विश्वनाथ, टाटिक इलाकों को हराभरा किया जाएगा। इस साल वहां दो लाख पौधे लगाए जाएंगे और अगले साल भी दो लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है।

उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र में पौधरोपण चलता है पर्यावरण बटालियन द्वारा पहले उस पूरे इलाके में तारबाड़ किया जाता है। ताकि रोपे गए पौधों को जानवर नुकसान नहीं पहुंचा सकें।

उन्होंने बताया कि जो पौधे सूख जाते हैं उनकी जगह दूसरे पौधे लगाए जाते हैं। ले. कर्नल मिश्रा ने बताया कि वाहिनी की ओर से आम तौर पर एक लाख की जगह सवा लाख पौधे लगाए जाते हैं।


ताकि कुछ पौधे सूख भी जाएं को एक लाख पौधे हर हाल में जीवित रहें। उन्होंने कहा कि इसी कारण अब तक लगाए गए 16 लाख पौधों में अधिकांश जीवित हैं।

21 प्रकार की प्रजाति के पौधे लगा रहे हैं जवान

अल्मोड़ा। पर्यावरण वाहिनी की ओर से क्षेत्र में चीड़ को छोड़कर अन्य 21 प्रकार की प्रजाति के पौधे लगाए जा रहे हैं।

ले. कर्नल रोहित मिश्रा ने बताया कि बांज, तुन, उतीस, मोरपंखी, काफल आदि के अलावा ग्रामीणों की सहमति से फलों के पौधे भी लगाए जाते हैं। अब विभिन्न सरकारी स्कूलों में भी पौधरोपण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

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