44 साल बाद फिर से अपने स्कूल पहुंच रहे आर्मी चीफ बिपिन रावत, वजह है बेहद खास
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देश के थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत शनिवार को दून में बिताए अपने स्कूली दिनों की यादें ताजा करेंगे। वे यहां स्कूल के 51वें स्थापना दिवस और वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में एक पूर्व छात्र की हैसियत से हिस्सा लेंगे।
सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावतकैंब्रियन हॉल स्कूल से 1973 बैच के पासआउट हैं। इस दौरान स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल आर्मी चीफ को सम्मानित भी करेंगे। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल निवासी जनरल बिपिन रावत के पिता ले. जन. लाछु सिंह रावत (अप्र) भी सेना में थे।
उनके 70 के दशक में देहरादून में पोस्टेड रहने के दौरान जनरल बिपिन रावत ने छठीं से आठवीं तक की पढ़ाई गढ़ी कैंट स्थित कैंब्रियन हॉल स्कूल से की। इसके बाद पिता का तबादला शिमला हो गया तो बिपिन रावत भी वहीं चले गए।
उन्होंने नौंवी से आगे की पढ़ाई शिमला के सेंट एडवर्ड्स स्कूल से पूरी की। उनका बैच कैंब्रियन हॉल स्कूल से 1973 में पासआउट हुआ। शनिवार को जनरल रावत अपने स्कूल के स्थापना दिवस समारोह में पूर्व छात्र के तौर पर विशेष आकर्षण होंगे।
कैंब्रियन हॉल के स्थापना दिवस का रंगारंग आगाज
उनके बैच के सभी छात्र-छात्राएं भी समारोह का हिस्सा होंगे। स्कूल प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, समारोह में जनरल रावत को स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल सम्मानित करेंगे। साथ ही जनरल बिपिन रावत अपने स्कूली दिनों की यादें ताजा करेंगे।
आर्मी चीफ का दून से खास नाता रहा है। स्कूली पढ़ाई के बाद उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। खास बात यह है कि प्रशिक्षण के बाद उन्हें आईएमए के सबसे प्रतिष्ठित स्वॉर्ड ऑफ ऑनर अवार्ड से भी नवाजा गया था। करीब चार दशक बाद अपने स्कूल में पूर्व साथियों और शिक्षकों से रूबरू होना एक अलग अनुभव होगा।
कैंब्रियन हॉल के 51वें स्थापना दिवस समारोह का शुक्रवार को रंगारंग आगाज हुआ। जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) सब एरिया मेजर जनरल जेएस यादव ने समारोह का शुभारंभ किया। पहले दिन छात्र-छात्राओं ने रंगारंग प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। छात्र-छात्राओं ने एक प्रदर्शनी भी लगाई, जिसका शुभारंभ जनरल एस सब्बरवाल ने किया।
छात्रों ने साहित्य, कला एवं क्राफ्ट, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और गृह विज्ञान से जुड़े मॉडल पेश किए। शाम पांच बजे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुआ। सबसे पहले स्कूल के प्रिंसिपल ने स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट पेश की। इसके बाद मुख्य अतिथि ने छात्रों को खेल, वाद-विवाद, न्यूज रीडिंग, 100 प्रतिशत उपस्थिति सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शन पर पुरस्कृत किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद कक्षा एक और कक्षा दो के छात्रों ने स्किट का प्रदर्शन किया। योग डिस्प्ले सबके आकर्षण का केंद्र रहा। इसके अलावा हिंदी नाटक ‘हिरणकश्यप मर्डर केस’ का शानदार मंचन किया गया। नेपाल और पंजाब के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सबका मन मोह लिया। शनिवार को समारोह का समापन होगा।