दून को मिली सौगात, खुलेगा देश का दूसरा साइबर सेंटर
- साइबर क्रिमिनल से निपटने के लिए उत्तराखंड पुलिस को किया जाएगा यहां ट्रेंड
- नोएडा की सीडेक कंपनी तैयार कर रही मास्टर ट्रेनर, एसटीएफ दफ्तर में बनेगा सेंटर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश में बढ़ते साइबर क्राइम को देखते हुए जल्द दून में साइबर सेंटर खुलने जा रहा है। केरल के बाद देश में उत्तराखंड दूसरा ऐसा प्रदेश होगा जहां साइबर अपराध से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। सेंटर में साइबर क्राइम इन्वेस्टीगेशन की स्टडी रिपोर्ट्स के साथ हाईटेक उपकरण और सॉफ्टवेयर्स से पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
इसकी जिम्मेदारी नोएडा की सीडेक (सेंटर फॉर डेवलेपमेंट ऑफ एडवांस कम्प्यूटिंग) कंपनी को दी गई है। सेंटर शुरू करने से पहले सीडेक कुछ पुलिस कर्मियों को बतौर मास्टर ट्रेनर ट्रेंड कर रही है।
प्रदेश में देहरादून में मात्र एक साइबर थाना है, जहां पूरे प्रदेश के अलग-अलग जिलों से साइबर क्राइम से संबंधित शिकायतें आती हैं। इनमें से कई शिकायतें ऐसी होती हैं जिसका खुलासा पुलिस नहीं कर पाती। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह साइबर की कम जानकारी होना है। पर अब ऐसे मामलों के खुलासे जल्द होंगे, क्योंकि उत्तराखंड पुलिस ने हाईटेक होने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत चल रहा काम
केंद्र सरकार ने देश में बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए देश के सभी राज्यों की पुलिस को हाईटेक करने के लिए सीडेक कंपनी से करार किया है। करार के तहत कंपनी देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर ट्रेनिंग सेंटर खोलेगी, जहां पुलिस कर्मियों को ट्रेंड किया जाएगा। इसके एवज में सरकार कंपनी को फंडिंग देगी।
युवा है उत्तराखंड पुलिस
सीडेक ने केरल में पहले साइबर सेंटर का शुभारंभ किया। दूसरा सेंटर देहरादून में खोलने की तैयारी चल रही है। एसटीएफ कार्यालय के तीसरे फ्लोर पर इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। सीडेक का मानना है कि यहां की पुलिस में युवा ज्यादा हैं, जो कंप्यूटर की बेहतर जानकारी रखते हैं। ऐसे में इन लोगों को ट्रेंड करना ज्यादा आसान है। यही वजह है कि देश में दूसरा सेंटर खोलने के लिए उत्तराखंड को प्राथमिकता दी गई। अन्य राज्यों में भी यह सेंटर खोले जाएंगे। यह केन्द्र सरकार का प्रस्ताव है।
साइबर सेंटर से उत्तराखंड को यह होंगे फायदे
प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों को साइबर से संबंधित जानकारियां दी जाएंगी, ताकि घटनास्थल पर किसी एक्सपर्ट को बुलाने का इंतजार नहीं करना पड़े । अपराधी को पुलिस नए आधुनिक उपकरण के माध्यम से ट्रैक कर आसानी से उसे गिरफ्तार कर सकेगी। पैसे रिकवरी में भी पुलिस को आधुनिक उपकरणों से मदद मिलेगी।
इनका है कहना
साइबर सेंटर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इस सेंटर पर पुलिस को साइबर से संबंधित तकनीकी जानकारियां सिखाई जाएंगी। सेंटर तैयार होने के बाद सीडेक का स्टाफ यहां आकर पुलिस को ट्रेनिंग देगा। बाद में ट्रेंड स्टाफ यहीं प्रदेश के पुलिस कर्मियों को ट्रेंड करेंगे।
-पी रेणुका, एसएसपी एसटीएफ