भारत-नेपाल सीमा पर धारचूला में एक घंटे के लिए खोला गया अंतर्राष्ट्रीय झूला पुल, फंसे हुए लोगों ने की घर वापसी
- एक घंटे के लिए खोला गया धारचूला का अंतर्राष्ट्रीय झूला पुल
- भारत से 59 लोग नेपाल गए, 23 लोग आए भारत
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मृत महिला के दाह संस्कार के लिए परिजनों को नेपाल भेजने के लिए भारत-नेपाल को जोड़ने वाले धारचूला के अंतरराष्ट्रीय झूला पुल को बुधवार को एक घंटे के लिए खोला गया। इस दौरान भारत से 59 लोग नेपाल गए जबकि 23 लोग भारत आए।
वर्तमान में नेपाल में रहने वाले धारचूला के सोसा गांव निवासी जसराज सिंह ब्यास की पत्नी पुष्पा देवी का निधन हो गया था। लॉक डाउन में अंतरराष्ट्रीय झूला पुल के बंद होने के कारण धारचूला से परिजन नेपाल नहीं जा पा रहे थे।
रं कल्याण संस्था के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण सिंह गर्ब्याल ने इस मामले में प्रशासन को पत्र लिखा था। इसके बाद धारचूला के एसडीएम एके शुक्ला ने जिलाधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे से फोन से वार्ता की। अनुमति मिलने के बाद बुधवार की शाम को पांच बजे झूला पुल खोला गया।
मेडिकल टीम ने सबकी स्क्रीनिंग की
इसके बाद मृतका पुष्पा देवी के परिजनों के अलावा 59 लोग नेपाल गए। भारत में पढ़ने वाले दो छात्रों सावन सिंह गुंज्याल और विष्णु सिंह बुदियाल सहित 23 लोग नेपाल से भी भारत में आए। नेपाल से आए सभी लोगों की पुल में तैनात मेडिकल टीम ने स्क्रीनिंग की।
झूला पुल खुलने के बाद एसडीएम एके शुक्ला और रं संस्था के पूर्व अध्यक्ष कृष्णा गर्ब्याल ने नेपाल पहुंचकर वहां के सीडीओ यदुनाथ पौडेल और पुलिस के अधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की।
इस दौरान दार्चुला के सीडीओ ने कहा कि धारचूला (भारत) और दार्चुला (नेपाल) की जनता के आपसी संबंध प्रगाढ़ हैं। उन्होंने कहा कि यह संबंध आगे भी निरंतर अच्छे बने रहेंगे। झूला पुल खुलने के अवसर पर एसएसबी के अधिकारी जोध सिंह, कानूनगो भुवन लाल वर्मा, पटवारी हुकुम सिंह धामी आदि मौजूद रहे।