भारत-नेपाल विवाद: कालापानी और चीन सीमा पर निगरानी के लिए एक और बीओपी बनाने जा रहा नेपाल
- कालापानी में नजर रखने के लिए बीओपी का प्रस्ताव स्वीकृत के लिए मुख्यालय भेजा
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नेपाल भारत के कालापानी और चीन सीमा के तिंकर में निगरानी के लिए एक और बीओपी (बॉर्डर आउट ऑफ फोर्स) बनाने जा रहा है। बीओपी बनाने का प्रस्ताव जिला योजना में पास कर स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेज दिया गया है।
नेपाल भारत के बीच चल रहे सीमा विवाद के बाद छंगरु के गाग क्षेत्र में सशस्त्र प्रहरी बल का बीओपी बनाया गया। 16 जून को एपीएफ के महानिरीक्षक शैलेंद्र खनाल ने सीमा क्षेत्र का दौरा करने के बाद सीमा की सुरक्षा बढ़ाने के संकेत दिए थे।
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नेपाल ने महाकाली लिपुखोला के संगम गुंजी डोभन के पूर्व के कौवा क्षेत्र में एक और बीओपी बनाने का सर्वे पूरा कर लिया है। नेपाल एपीएफ के जवान लिम्पियाधुरा और लिपुलेख से बहने वाली महाकाली के संगम पर नियमित गश्त करते रहते हैं।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों पर नेपाल सशस्त्र प्रहरी बल निगरानी रखेगा
कौवा में बीओपी बनने से भारत के गुंजी और कालापानी में तैनात भारतीय सुरक्षा एजेंसियों पर नेपाल सशस्त्र प्रहरी बल निगरानी रखेगा। अगले चरण में तिंकर के छियालेख क्षेत्र के कस्टम कार्यालय की भूमि पर भी बीओपी बनाने की योजना है। एपीएफ के डीएसपी डंबर बहादुर बिष्ट ने बताया आपातकाल में इस क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य से बचाव के लिए भी बीओपी में तैनात सुरक्षाकर्मी काम करेंगे।
छांगरू में बीओपी, बैरक और कार्यालय बनाने का काम तेज
नेपाल ने छांगरु में बीओपी में बैरक और कार्यालय भवन को बनाने का काम तेज कर दिया है। यहां पर 32 कमरे का भवन बनाया जा रहा है। सभी कमरों में एपीएफ के जवानों के रहने के लिए बुनियादी सुविधाए मुहैया कराई जाएंगी। ज्यादा कमरे बनाने का उदेश्य ठंड के मौसम में आसपास की बीओपी के जवान भी यहां आकर रह सके।