नेपाल ने चीन सीमा पर तैनात किया सशस्त्र प्रहरी बल, एक साल तक पेट्रोलिंग करेंगे जवान
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एक सप्ताह पूर्व नेपाल सरकार ने पहली बार नेपाल-चीन सीमा के अंतिम गांव तिंकर से 19 किलोमीटर चीन सीमा की ओर से सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) की तैनाती कर दी है।
नेपाल के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सशस्त्र प्रहरी बल के जवान 12 महीने तक अपनी सीमा की सुरक्षा में तैनात रहेंगे। एपीएफ के जवान छांगरू से गुंजी, महाकाली नदी पार कौआ और कालापानी आदि जगहों पर पेट्रोलिंग कर रहे हैं।
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ऐसा पहली बार हुआ है जब नेपाल ने भारत और चीन सीमा पर सेना के जवान तैनात किए हैं। नेपाल इससे पूर्व भारतीय सीमा पर छांगरू में बॉर्डर आउट पोस्ट स्थापित कर चुका है। इसके अतिरिक्त नेपाल काली नदी किनारे छह बॉर्डर आउट पोस्ट बना रहा है।
6640 फुट की ऊंचाई पर दिन रात गश्त कर रहे भारतीय सुरक्षा बल
चीन की ओर से लिपुपास में विवादित बैनर लहराने के बाद से नाभीढांग से लेकर लिपुलेख तक भारतीय सुरक्षा बल विशेष चौकसी बरत रहे हैं। लिपुलेख में 16 हजार फुट से अधिक की ऊंचाई पर दिन रात भारतीय सुरक्षा बलों के जवान चौबीसों घंटे गश्त कर रहे हैं।
विवाद के बाद भारतीय अर्द्धसैनिक बल व भारतीय सेना ने नाभीढ़ांग से लिपुपास तक के आठ किमी को छावनी में बदल दिया है। चीन की ओर से किसी भी तरह की हरकत होने की स्थिति का मुकाबला करने के लिए भारतीय सुरक्षा बल चौबीस घंटे हाई अलर्ट पर है।
लिपुपास में वर्तमान में बारिश होने से तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। इन विपरीत परिस्थितियों में भी जवान चीन सीमा पर मुस्तैदी से डटे हैं। वहीं नेपाल सीमा पर धारचूला से कालापानी तक एसएसबी ने अपने जवानों की संख्या में इजाफा कर सुरक्षा और कड़ी कर दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नेपाल के सीमांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती हिस्सेदारी पर भी सुरक्षा एजेंसी नजर रखे हुए हैं।