भारत-नेपाल के रिश्तों में कड़वाहट से असहज हो रहे सीमांतवासी, विवाद को जल्द सुलझाने की मांग
- सीमावर्ती लोग बोले, शीघ्र दोनों देशों की सरकारों को सुलझाना चाहिए सीमा विवाद
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भारतीय क्षेत्र को नेपाल के नक्शे में शामिल करने के बाद से पैदा हो रही भारत-नेपाल के रिश्तों में कड़वाहट से सीमाओं पर रहने वाले दोनों देशों के लोग बेचैन हैं। सीमा के इस पर और उस पार के लोगों का कहना है कि रोटी-बेटी का संबंध रखने वाले दोनों देशों के बीच के विवाद का जल्द से जल्द निपटारा किया जाना चाहिए।
नेपाल ने भारतीय क्षेत्र कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को अपने नक्शे में शामिल किया है। भारत के विरोध के बावजूद नए नक्शे को मंजूरी दे दी गई। इस दौरान नेपाल में एमएम चैनल के अलावा सोशल मीडिया पर भारत विरोधी गाने खूब प्रसारित किए गए है। यह सिलसिला अब भी बदस्तूर जारी है।
भले ही नेपाल में राजनीतिक दल और कुछ संगठन भारत विरोधी गतिविधियां संचालित कर रहे हों, लेकिन नेपाल में चल रही भारत विरोधी गतिविधियों से सीमाओं पर रहने वाले दोनों देशों के लोग असहज हैं। इसका कारण दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी के रिश्ते होना है।
सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग शादी-ब्याह के लिए एक-दूसरे पर निर्भर हैं। सीमा में रहने वाले नेपाली नागरिक राशन से लेकर आम जरूरतों के सामान के लिए भी भारतीय बाजार पर निर्भर हैं। सीमाओं के बाजारों में दोनों देशों के व्यापारी एक-दूसरे देशों के ग्राहकों के भरोसे ही व्यापार करते हैं।
खुली सीमाएं होने के कारण लाखों की संख्या में नेपाली रोजगार के लिए भारत आते हैं। सीमांत के लोगों का कहना है कि दोनों देश धार्मिक, सांस्कृतिक रूप से समान हैं। यदि कड़वाहट ऐसे ही रही तो इसका सभी क्षेत्रों में बड़ा असर पड़ेगा। ऐसे में जो भी विवाद है उसे शीघ्र समाप्त किया जाना चाहिए।
सीमा को लेकर जो भी विवाद है उसको दोनों देश की सरकारों को आपस में बातचीत कर निपटारा करने की उम्मीद है। हमारे देश के रोटी-बेटी के संबंध को देखते हुए दोनों स्थानीय प्रशासन इसी प्रकार अच्छा तालमेल करके स्थानीय लोगों की समस्याओं का हल करना चाहिए, जो उचित भी है।
- कृष्णा गर्ब्याल, पूर्व अध्यक्ष रं कल्याण संस्था धारचूला।
सीमा विवाद दोनों देशों का राजनीतिक मामला है। उम्मीद है शीघ्र ही इसका हल निकल जाएगा। सीमांत के दोनों देशों के स्थानीय लोगों का आपस में सदियों से वैवाहिक और व्यापारिक संबंध हैं। इसलिए दोनों देशों की सरकारों को शीघ्र विवाद को सुलझाना चाहिए।
- मंगल सिंह ठकुन्ना, अध्यक्ष व्यापार मंडल दार्चुला (नेपाल)।