फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   india making roads in china border.

विदेशी तकनीक से मजबूत होगी चीन सीमा

Thu, 07 May 2015 10:49 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 07 May 2015 10:49 AM IST
विज्ञापन
india making roads in china border.

चीन सीमा पर सीमांत सड़कों के निर्माण में तेजी लाने के लिए बीआरओ को और सशक्त किया गया है।

विज्ञापन


इसके तहत जहां प्रोजेक्ट के मुख्य अभियंता के वित्तीय अधिकार बढ़ा दिए गए हैं वहीं अत्याधुनिक तकनीक और विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जा रही है। चीन सीमा पर सामरिक महत्व की 73 सड़कों में से 61 सड़कें बीआरओ के पास है।

इन 61 सड़कों पर नौ बरस में सिर्फ पचास फीसदी निर्माण कार्य ही पूरा हो पाया है, जबकि उत्तराखंड सहित चार अन्य राज्यों जम्मू कश्मीर, हिमाचल, सिक्कम और अरुणाचल प्रदेश में यह सड़कें वर्ष 2006 से 2012 तक पूरी की जानी थी।
विज्ञापन


सीमांत सड़कों के निर्माण की धीमी रफ्तार को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने अब बीआरओ के फील्ड में तैनात इंजीनियरों और अधिशासी अधिकारियों को सशक्त करने का निर्णय लिया है। इसके तहत दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण के लिए अत्याधुनिक विदेशी तकनीक के इस्तेमाल के साथ इंजीनियरों को तकनीकी गुर सीखने को विकसित देशों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


वित्तीय स्वीकृतियों के लिए महीनों इंतजार न करना पड़े इसके लिए प्रोजेक्ट के मुख्य अभियंता के वित्तीय अधिकार भी बढ़ाए गए हैं, जो इससे पहले पूरी तरह से बोर्ड में निहित थे। इससे पहले केंद्र ने सामरिक महत्व की सड़क योजनाओं से केंद्रीय भूतल परिवहन एवं हाईवे मंत्रालय की वित्तीय स्वीकृतियों की निर्भरता समाप्त कर दी थी।


9 जनवरी को केंद्र ने बार्डर रोड्स डेवलेपमेंट बोर्ड और बीआरओ के कामकाज को पूरी तरह से रक्षा मंत्रालय के अधीन कर दिया है।

यह हैं प्रावधान
- प्रोजेक्ट में तैनात अधिकारियों को वित्तीय स्वीकृति का अधिकार
- तेज निर्माण के लिए अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल
- विदेशों में अधिकारियों के लिए निर्माण तकनीक पर ट्रेनिंग कोर्स
- निर्माण के निरीक्षण के लिए अलग टास्क फोर्स
- निर्माण गुणवत्ता के लिए क्षेत्रीय जांच दल गठित
- प्रोजेक्टों के मुख्य अभियंताओं की जवाबदेही तय
- इंजीनियरों की काउंसलिंग का भी रखा गया प्रावधान
- निर्माण सामग्री खरीद के लिए ई-प्रिक्योरमेंट

उत्तराखंड का हाल
चीन सीमा पर सामरिक महत्व की 73 सड़कों में से 19 सड़कें उत्तराखंड में बननी हैं। जिसमें 14 सड़कें बीआरओ के अधीन हैं। वर्ष 2006 में इनका निर्माण शुरू हुआ जिसमें 190 किलोमीटर पर बीआरओ खुदाई और कटान कर पाया है, जबकि 60 किलोमीटर को पक्का किया गया है।

यह है निर्माण की स्थिति

- 61 सड़कों में से 19 का निर्माण पूरा
- 24 पर कटाई हो पूरी हो चुकी है
- 16 सड़कों पर कटाई का काम चल रहा है
- दो सड़कों पर अभी काम नहीं हुआ शुरू
- 3409 किलोमीटर से 1989 पर निर्माण पूरा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed