फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   India first natural fiber center of excellence will be open in Almora soon

अल्मोड़ा में खुलेगा देश का पहला नेचुरल फाइबर सेंटर, केंद्र सरकार ने जारी की 20 करोड़ की धनराशि 

Thu, 18 Jul 2019 08:54 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 18 Jul 2019 08:54 AM IST
विज्ञापन
India first natural fiber center of excellence will be open in Almora soon

हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियों से प्राकृतिक रेशा (नेचुरल फाइबर) तैयार करने और रिसर्च के लिए अल्मोड़ा में देश का पहला सेंटर आफ एक्सीलेंसी खोला जाएगा। इसके लिए वस्त्र मंत्रालय ने 20 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है। इस सेंटर को नार्दन इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन (निट्रा) के माध्यम से स्थापित किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने सेंटर के लिए एक एकड़ भूमि वस्त्र मंत्रालय को स्थानांतरित कर दी है।   

विज्ञापन


उत्तराखंड में हिमालयन नेटल (कंडाली), भांग, भीमल, रामबांस, भाबर घास पर रिसर्च और रेशा तैयार करने के लिए अल्मोड़ा में नेचुरल फाइबर पर आधारित सेंटर आफ एक्सीलेंसी स्थापित किया जाएगा। हिमालयन नेचुरल फाइबर को बढ़ावा देने के लिए यह देश का पहला सेंटर होगा। वस्त्र मंत्रालय ने सेंटर निर्माण के लिए पहली किस्त के तौर पर 20 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है।
विज्ञापन


गत दिनों दिल्ली में वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी ने पर्यटन, कृषि, संस्कृति विभाग और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। उन्होंने इस सेंटर को पर्यटन और संस्कृति की दृष्टि से विकसित करने को कहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

ताकि बाहर से आने वाले पर्यटकों को नेचुरल फाइबर से तैयार उत्पादों के प्रति आकर्षित किया जा सके। नेचुरल फाइबर को बढ़ावा मिलने से पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को आजीविका के संसाधन उपलब्ध होंगे। बैठक में प्रदेश से प्रमुख सचिव मनीषा पंवार और उद्योग निदेशक सुधीर चंद्र नौटियाल ने भाग लिया था। 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक रेशा से बने कपड़ों की मांग
उत्तराखंड में कंडाली, भांग, भीमल, रामबांस, भाबर घास के रेशे से तैयार कपड़ों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी डिमांड है। पूरे उत्तराखंड में 95 प्रतिशत से अधिक वनस्पतियां रेशा प्रजाति की पाई जाती है। प्रदेश में उत्तराखंड बांस एवं रेशा विकास परिषद ने कुछ प्रजातियों को व्यवसायिक तौर पर चिन्हित किया है।

नेचुरल फाइबर केंद्र की स्थापना से राज्य में उपलब्ध विशेष संसाधनों के आधार पर उद्योगों की स्थापना और निर्यात के अवसर प्राप्त होंगे। वहीं, स्थानीय लोगों को नेचुरल फाइबर से आय प्राप्त होगी।
- सुधीर चंद्र नौटियाल, निदेशक, उद्योग विभाग।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed