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चीन और नेपाल सीमा पर निगरानी के लिए खराब मौसम और बारिश में भी 24 घंटे पहरा दे रहे भारतीय जवान

Thu, 18 Jun 2020 11:17 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डीडीहाट (पिथौरागढ़)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डीडीहाट (पिथौरागढ़) Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 18 Jun 2020 11:17 PM IST
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India china border tension latest news: Indian Army Force Doing Duty even rainfall on china and nepal Border
नेपाल बॉर्डर पर पहरा देते जवान - फोटो : अमर उजाला

नेपाल द्वारा कालापानी को विवादित स्थल और चीनी सैनिकों द्वारा लिपुलेख में लगे टिन शेड को हटाने की धमकी के बाद से ही चीन और नेपाल सीमा पर सुरक्षा बल कड़ी चौकसी कर रहे हैं। लद्दाख के गलवां पोस्ट पर हिंसक झपड़ के बाद से लिपुलेख पर सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।

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भारतीय सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से भारत चीन सीमा के नाभीढांग से लिपुलेख तक कड़ी सुरक्षा के साथ खराब मौसम और बारिश में 24 घंटे गश्त कर रही हैं। प्रतिकूल हालात के बावजूद चीन सीमा पर भारत तिब्बत सीमा पुलिस और नेपाल सीमा पर एसएसबी के जवान तैनात हैं। 
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नाभीढांग से लिपुलेख में मौसम तीन दिनों से खराब है। तेज हवाओं और बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट आ रही है। इस आठ किमी के दायरे में अभी भी दो से तीन ग्लेशियर हैं, जिससे यहां पर ठंड हमेशा बनी रहती है। भारत नेपाल की खुली सीमा पर भी एसएसबी लगातार गश्त कर रही है। वर्तमान में दोनों सीमाओं पर किसी भी प्रकार का तनाव नही हैं।

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नेपाल और चीन बार्डर को जोड़ने वाला बाड़ेछीना-सेराघाट मार्ग 14 घंटे रहा बंद

बुधवार रात हुई तेज बारिश से नेपाल और चीन बार्डर को जोड़ने वाले बाड़ेछीना-सेराघाट मार्ग में कई स्थानों पर मलबा आ गया और मार्ग चौदह घंटे बंद रहा। मार्ग में दोनों ओर कई वाहन फंसे रहे। कई लोग रातभर मार्ग में भूखे प्यासे रहे।

रात को हुई काफी बारिश से बाड़ेछीना-सेराघाट मार्ग में सेराघाट, मंगलता, लिंगुड़ता, कनारीछीना समेत कई स्थानों पर काफी मात्रा में मलबा आ गया। यह मार्ग रात ग्यारह बजे से बंद हो गया।  मार्ग अवरुद्ध  होने से हल्द्वानी, अल्मोड़ा, बेरीनाग,  पिथौरागढ़, गंगोलीहाट, थल, मुंसियारी, डीडीहॉट आदि स्थानों को आने जाने वाले वाहन 14 घंटे तक फंसे रहे।

वहीं आवश्यक सेवा दूध, अखबार के वाहनों समेत गांव को लौट रहे सैकड़ों प्रवासी रात भर मार्ग में भूखे प्यासे रहे। बाद में स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और आपदा कंट्रोल रूम को जानकारी दी। डीएम और आपदा प्रबंधन अधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को सूचित किया। लोनिवि ने जेसीबी मशीन मौके पर भेजी। मार्ग पर जगह-जगह आए मलबे को हटाया गया। बृहस्पतिवार को दिन में एक बजे मार्ग यातायात के लिए खुल सका। सहायक अभियंता शंकर सिंह नयाल ने बताया अधिक बारिश होने की वजह से सड़क पर जगह-जगह मलबा आ गया था, जिससे मार्ग खोलने में समय लगा। 

कार्मिकों का भी बना है अभाव
बाडेछीना-सेराघाट मार्ग 28 किमी  लंबा है। पर मार्ग की देखरेख के लिए मात्र तो महिला कर्मचारी और एक गैंग मेट कार्यरत हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मार्ग में यातायात सुचारू रखने के लिए एक-एक जेसीबी मशीन सेराघाट और धौलछीना में रखी जाए, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने पर समय त्वरित गति से खोली जा सके।

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