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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   India China border Latest News: For the first time army jawans will be deployed at an altitude of up to 16 thousand feet on the China border

एक्सक्लूसिव : चीन सीमा पर पहली बार 16 हजार फुट तक की ऊंचाई पर तैनात रहेंगे जवान

Sun, 08 Nov 2020 01:15 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal दीपक कापड़ी, अमर उजाला, पिथौरागढ़
दीपक कापड़ी, अमर उजाला, पिथौरागढ़ Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 08 Nov 2020 01:15 AM IST
सार

  • आईटीबीपी के जवान चीन की हर गतिविधि पर बनाए रखेगें पैनी नजर 
  • अब तक ठंड बढ़ने पर मिलम, गुंजी हो जाते थे शिफ्ट, इस बार वहीं डटे रहने के आदेश  
  • अग्रिम चौकियों के लिए हेलीकॉप्टर से पहुंचाया जा रहा है सामान 

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India China border Latest News: For the first time army jawans will be deployed at an altitude of up to 16 thousand feet on the China border
आईटीबीपी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चीन के साथ चल रहे विवाद को देखते हुए इस वर्ष शीतकाल में पहली बार चीन सीमा पर समुद्र तल से 10000 से 16500 फुट तक की ऊंचाई पर आईटीबीपी के जवान मुस्तैद रहेंगे। ये जवान यहां से चीन की हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखेंगे। जवानों के लिए इन चौकियों पर हेलीकॉप्टर से गर्म कपड़े और रसद सामग्री पहुंचाई जा रही है। दुंग, बुगडियार और रिलकोट चोकियों पर करीब 700 से 800 आईटीबीपी के जवान तैनात किए गए हैं।

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10 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित रिलकोट, 8898 फुट की ऊंचाई पर बुगडियार और समुद्रतल से 16 हजार 500 फुट की ऊंचाई पर दुंग चौकियों पर चीन सीमा के करीब ये जवान तैनात किए गए हैं।

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15 हजार फुट की ऊंचाई पर भी जवान तैनात रहेंगे

इसके अलावा व्यास वैली के लिपुलेख में समुद्रतल से 14 हजार फुट और दारमा वैली की अंतिम चौकी दावे में  भी 15 हजार फुट की ऊंचाई पर भी जवान तैनात रहेंगे। पिछले वर्ष तक ठंड बढ़ने के बाद जवानों को मिलम और गुंजी शिफ्ट कर दिया जाता था, लेकिन चीन से बढ़ रहे तनाव के बाद जवानों को शीतकाल में वहीं तैनात रहने के आदेश जारी हुए हैं।

बर्फबारी से पूर्व जवानों के लिए हेली सेवा से इन चौकियों में खाद्यान्न सामग्री, गर्म कपड़े, डीजल, पेट्रोल सहित अन्य सामान पहुंचाया जा रहा है। बता दें कि पिथौरागढ़ में भारत की 150 किमी. सीमा चीन से लगी हुई है। चीन के बाद विवाद बढ़ने के बाद आईटीबीपी के साथ-साथ भारतीय सेना के जवान सीमा पर हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

लिपुलेख में लगे हैं एचडी कैमरे 

चीन की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखने के लिए लिपुलेख में एचडी (हाई डेफिनेशन) कैमरे लगाए गए हैं। जिनकी मॉनीटरिंग दिल्ली से की जा रही है। सेना के अलावा अन्य लोगों को वहां आवागमन की मनाही है।

शीतकाल में -15 डिग्री से -20 डिग्री रहता है तापमान 

आईटीबीपी की उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित दुंग, बुगडियार, रिलकोट, लिपुलेख और दावे में शीतकाल में -15 से -20 डिग्री तापमान रहता है। यहां शीतकाल में 12 से 15 फुट तक बर्फबारी होती है। इस कारण जवानों को निचले इलाकों में शिफ्ट कर दिया जाता था। यह पहला मौका है कि इस बार शीतकाल में हिमवीर अपनी पोस्टों पर डटे रहेंगे।

सीमा पर सेना की हलचल बढ़ने से सीमांत गांवों में रौनक बढ़ी

शीतकाल में सीमा पर भारतीय सेना, आईटीबीपी और एसएसबी की हलचल बढ़ने के बाद सीमांत के गांवों में भी खासी हलचल है। गुंजी, लिपुलेख सहित कई अन्य स्थानों पर स्थानीय लोगों के रेस्टोरेंट खुले हैं। जिससे उनकी आय में भी सुधार हो रहा है।

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