रामनाथ कोविंद के समर्थन में उतरे ये विधायक, कांग्रेस को लगा जबरदस्त झटका
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पांच साल कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे इन विधायक के एक फैसले से कांग्रेस को जबरदस्त झटका लगा है। विधायक ने जैसे ही एनडीए के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने की बात कही, कांग्रेस के दिग्गज हक्के-बक्के रह गए।
दरअसल, सोमवार को रामनाथ कोविंद उत्तराखंड आए तो निर्दलीय विधायक प्रीतम पंवार ने उनका समर्थन करने का निर्णय लिया। पंवार के इस कदम से कांग्रेस को झटका लगा है। साथ ही राष्ट्रपति चुनाव को लेकर उसकी कमजोर रणनीति का भी पटाक्षेप हुआ है।
सोमवार को कोविंद विधायकों का समर्थन लेने उत्तराखंड पहुंचे। मुख्यमंत्री आवास में दिन भर बैठकों के दौर चले। बैठकों के बाद खबर आई कि विधानसभा के दोनों निर्दलीय विधायक कोविंद के पक्ष में मतदान करेंगे। निर्दलीय विधायकों में एक नाम प्रीतम पंवार का भी है।
माना जा रहा है कि कांग्रेस उन्हें अपने पक्ष में होने का मुगालता पाले बैठी थी। पंवार ने कोविंद का समर्थन में कहा कि उन्हें भाजपा ने पहले संपर्क किया। यानी कांग्रेस की ओर से पहले संपर्क किया जाता तो शायद पंवार यूपीए की उम्मीदवार मीरा कुमार के पक्ष में खड़े होते।
संयोग से कोविंद का समर्थन करने वाले दूसरे निर्दलीय विधायक राम सिंह कैड़ा भी कांग्रेस पृष्ठभूमि के हैं। चुनाव में टिकट काटे जाने के बाद कैड़ा निर्दलीय चुनाव जीते। वह कांग्रेस से इस कदर खिन्न है कि उन्होंने भाजपा का समर्थन करने का खुला एलान किया।
अब उन्होंने कोविंद के पक्ष में मतदान करने का एलान किया है। सियासी जानकार इसे कांग्रेस की रणनीतिक हार करार दे रहे हैं। उनकी मानें तो भीषण संकट में होने के बावजूद कांग्रेस गुटबाजी से नहीं उबर पा रही है और ताजा प्रकरण से जाहिर हो गया है कि उसके नेता अब तक संगठित रणनीति पर फोकस नहीं कर पा रहे हैं।
प्रीतम पंवार हमारी कैबिनेट में मंत्री रहे। उन्हें कई महत्वपूर्ण विभाग दिए गए। उनका पूरा सम्मान किया गया। अब ये उनकी इच्छा पर निर्भर करता है कि वह किसके साथ खड़े होते हैं और किसका समर्थन करते हैं।
- डॉ. इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष