फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   independence day 2018 raja umrao singh and fateh singh fight for freedom

स्वतंत्रता दिवस: 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में इन राजाओं का विशेष योगदान, छुड़ाए अंग्रेजों के छक्के

Wed, 15 Aug 2018 10:13 AM IST
राजकुमार चौधरी, अमर उजाला, झबरेड़ा
राजकुमार चौधरी, अमर उजाला, झबरेड़ा Updated Wed, 15 Aug 2018 10:13 AM IST
विज्ञापन
independence day 2018 raja umrao singh and fateh singh fight for freedom
राजा फतेह सिंह और राज उमराव सिंह - फोटो : file photo

रुड़की के झबरेड़ा क्षेत्र के मानकपुर आमदपुर गांव का 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में विशेष योगदान रहा। आजादी का बिगुल फुंकने पर अंग्रेजों ने मानकपुर आमदपुर निवासी राजा उमराव सिंह और फतेह सिंह को सहारनपुर में फांसी पर लटका दिया था, लेकिन लोगों ने आजादी की राह से कदम पीछे नहीं खींचे।

विज्ञापन


मानकपुर आमदपुर के पूर्व प्रधान ओमपाल सिंह ने बताया कि अंग्रेजी हुकूमत ने वर्ष 1857 में भारतीयों पर अत्याचार बढ़ाए तो मानकपुर गांव के राजा उमराव सिंह और फतेह सिंह ने इसके खिलाफ संग्राम छेड़ दिया।
विज्ञापन


इससे अंग्रेजी अधिकारी तिलमिला उठे। उन्होंने गुर्जरों के गांवों में आगजनी और लूटपाट करनी शुरू कर दी। इसका जवाब राजा उमराव सिंह ने उन्हीं की तरह दिया।
 

independence day 2018 raja umrao singh and fateh singh fight for freedom
raja fateh singh

18 मई 1857 को राबर्टसन ने मेयर विलिम्स के साथ क्रांतिकारी गुर्जरों को सबक सिखाने के लिए देवबंद की ओर से बढ़ने लगे। गुर्जर गांव बाबूपुर, फतेहपुर, सांपला पर हमला कर दिया गया।

इसमें सात क्रांतिकारी शहीद हुए और 16 घायल हो गए थे। जिला मजिस्ट्रेट स्पेंकी के आर्डर से राबर्टसन मंगलौर पहुंचा। यहां उसने सैनिक राबर्टसन, प्लीडन, एडवर्स व कैप्टन जार्सटीन के साथ मानकपुर पर हमला करने की योजना बनाई, लेकिन इनकी योजना कामयाब नहीं हो पाई।

इसके बाद उन्होंने मुंडालाना के जमीदार एवं उमराव सिंह के रिश्तेदार के जरिये उन्हें बात करने के लिए सहारनपुर बुलाया। परंतु अंग्रेजों ने धोखा देकर उमराव सिंह व फतेह सिंह को गिरफ्तार कर फांसी पर लटका दिया।

देवबंद क्षेत्र के 45 क्रांतिकारियों को सरेआम फांसी दी

independence day 2018 raja umrao singh and fateh singh fight for freedom

इसके बाद आजादी की लड़ाई और भड़क गई। देवबंद के पास कम्हेड़ा गांव में राबर्टसन ने आग लगाव दी।

क्रांतिकारियों को डराने के लिए कैप्टन रीड और वायस सर्जन ने झबरेड़ा व मानकी गांव में आग लगाकर लोगों को आतंकित किया।

इन दोनों अधिकारियों ने देवबंद क्षेत्र के 45 क्रांतिकारियों को सरेआम फांसी दी, लेकिन आजादी के मतवाले हिम्मत नहीं हारे और शहीदों का बदला लेने के लिए मेरठ की क्रांति से जुड़ गए। मानकपुर में हर वर्ष बलिदान दिवस पर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed