{"_id":"680bdd432056c67005eac188551c33c1","slug":"incentives-for-drivers-and-operators-in-holi-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"होली पर चालक-परिचालकों को मिलेगा खास तोहफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होली पर चालक-परिचालकों को मिलेगा खास तोहफा
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 27 Feb 2015 11:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
होली पर उत्तराखंड परिवहन निगम ने घाटे को कम करने की कवायद शुरू कर दी है। मुनाफे वाले रूट में ज्यादा से ज्यादा बसों को दौड़ाने की तैयारी है।
विज्ञापन
ऐसे में जो चालक-परिचालक छुट्टी न कर बस में आएंगे, उन्हें पुरस्कार पैकेज देने की योजना है। मुख्यालय प्रबंधन को उम्मीद है कि इससे रोडवेज को अच्छा लाभ हो सकता है।
विज्ञापन
चालक व परिचालकों के लिए प्रोत्साहन योजना
परिवहन निगम ने चार, पांच और छह मार्च को दून से दिल्ली और हल्द्वानी से दिल्ली रूट में 25 अतिरिक्त बसें चलाने का निर्णय लिया है। चार मार्च को दून से नैनीताल के लिए दस अतिरिक्त बसें चल सकती है। महाप्रबंधक (संचालक) दीपक जैन ने बताया कि चालक व परिचालकों के लिए भी प्रोत्साहन योजना शुरू की जा रही है।
विज्ञापन
मैदानी और पर्वतीय रूट के लिए अलग-अलग राशि और किलोमीटर तय किए गए हैं। योजना एक मार्च से 11 मार्च तक लागू होगी। योजना के तहत होली के दिन, यानी छह मार्च को अवकाश लेने पर लगातार दस दिन ड्यूटी देने वाले मैदानी रूट के चालकों व परिचालकों (दस दिन में 2420, प्रतिदिन 242 किलोमीटर) के लिए प्रोत्साहन राशि एक हजार रुपए दी जाएगी।
पर्वतीय रूटों पर दस दिन में 1800 किमी (प्रतिदिन 180) वाहन संचालन पर एक हजार रुपये देय होगा। जो चालक होली के दिन भी ड्यूटी देगा उसे 1100 रुपए दिए जाएंगे।
महाप्रबंधक जैन ने बताया, डिपो या कार्यशाला में कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी योजना लागू होगी। योजना के तहत जो कर्मचारी होली के अवकाश के दिन छोड़कर लगातार ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को 750 रुपए मिलेंगे।
खर्चे घटाने पर चर्चा
निगम में खर्चे घटाने पर परिवहन मुख्यालय में अधिकारियों ने मंथन किया। महाप्रबंधक संचालक दीपक जैन ने बताया कि वर्कशाप में लंबे समय से खड़ी बसों को जल्द सड़कों पर उतारने के लिए कहा गया है।
मार्गों पर बस सेवाओं की चेकिंग निर्धारित मानकों के अनुसार प्रत्येक माह सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही संभागीय परिवहन विभाग के साथ मिलकर डग्गामारी के खिलाफ अभियान चलाने की बात भी तय हुई।