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उत्तराखंड में बीपीएल गुर्दा रोगियों की जान पर खतरा
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 15 Aug 2016 08:12 AM IST
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उत्तराखंड में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं की बदहाली के मामले हर रोज सामने आ रहे हैं। अब सैकड़ों बीपीएल गुर्दा रोगियों की जान पर खतरा मंडरा रहा है।
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विभाग की लापरवाही के कारण मरीजों को पच्चीस जुलाई से दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। इस बारे में स्वास्थ्य व चिकित्सा निदेशक डॉ. जीसी पांडे ने दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय (कोरोनेशन अस्पताल) की सीएमएस डॉ. भारती राणा को कड़ा पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कड़े सवाल किए हैं, साथ ही दवा मुहैया कराने के आदेश भी दिए।
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गौरतलब है कि कोरोनेशन अस्पताल में बीपीएल श्रेणी के गुर्दा रोगियों को नि: शुल्क दर्द निवारक इंजेक्शन (ईपीओ) व आयरन उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन, पच्चीस जुलाई से बीपीएल मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल रही है। इस पर स्वास्थ्य व चिकित्सा महानिदेशालय में निदेशक भंडारण जीसी पांडे ने दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय की सीएमएस डॉ. भारती राणा को पत्र लिखा है।
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पत्र में डॉ. पांडे ने लिखा कि चिकित्सालय ने गुर्दा रोगियों को ईपीओ इंजेक्शन व आयरन उपलब्ध मुहैया कराना बंद कर दिया है। दूरभाष में हुई वार्ता का हवाला देते हुए निदेशक ने सीएमएस से सवाल पूछा है कि उनके द्वारा उत्तराखंड शासन की तय औषधि क्रय नीति का अनुपालन क्यों नहीं किया गया।
नियमों की अवहेलना कर दवाओं की खरीद क्यों की गई। जिलाधिकारी के निर्देशों के बारे में विभागीय उच्चाधिकारियों को जानकारी क्यों नहीं दी गई? इसके साथ ही निदेशक ने कई नियमों का हवाला देते हुए बीपीएल मरीजों को यथाशीघ्र दवाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि कुछ दिन पहले ही चुक्खूमुहल्ले के गुर्दा रोग पीड़ित संजय कपूर नामक ने जिलाधिकारी रविनाथ रमन को दवाएं न मिलने का प्रार्थना पत्र लिखा था। मामला सुर्खियों में आने के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया है।