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Dehradun News: बस्तियों से बेघर और बेदखल करना अमानवीय
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Iजन सम्मेलन में प्रमुख विपक्षी दलों ने सरकार पर बोला हमलाI
प्रेस क्लब में आयोजित जन सम्मेलन में आम लोगों के साथ ही प्रमुख विपक्षी दलों और विभिन्न जन संगठनों के प्रतिनिधि एकत्र हुए। वक्ताओं ने कहा कि बस्तियों से लोगों को बेघर और बेदखल करना अमानवीय है। मांग की कि जब तक मालिकाना हक या पुनर्वास का वादा सरकार पूरा नहीं करती, तब तक किसी को बेघर न किया जाए।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार अपना फर्ज न निभाकर कोर्ट के आदेशों के बहाने लोगों को बेदखल और बेघर करने की कोशिश कर रही है। कानून के अनुसार शहरों, वन इलाकों और ग्रामीण इलाकों में लोगों को हक देना सरकार का फर्ज है, लेकिन भाजपा सरकार इस पर कोई कदम नहीं उठा रही है। वक्ताओं ने मांग की कि ग्रामीण इलाकों में लोगों को अधिकार मिले, एलिवेटेड रोड जैसे विनाशकारी परियोजनाओं को रद्द किया जाए, पेड़ों की कटाई और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली परियोजनाओं पर रोक लगे, महिलाओं पर अत्याचार करने वाले अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
उत्तराखंड क्रांति दल के लताफत हुसैन, कांग्रेस के राज्य प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट, समाजवादी पार्टी की हेमा बोरा, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के जिला सचिव सीपी शर्मा, सीपीआई के राष्ट्रीय कौंसिल सदस्य समर भंडारी, समाजवादी लोक मंच के मुनीश कुमार, सीके लेखराज, पूर्व बार काउंसिल अध्यक्ष रजिया बेग, उत्तराखंड महिला मंच की कमला पंत, चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल एवं सुनीता देवी, वन गुर्जर ट्राइबल युवा संगठन के मीर हमजा और बस्ती बचाओ समिति की प्रेमा ने विचार रखे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य महामंत्री गंगाधर नौटियाल और सीपीआई के समर भंडारी ने की। संचालन उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के महासचिव नरेश नौड़ियाल ने किया। इस दौरान पप्पू कुमार, रमन पंडित, संजय साहनी, नरेंद्र, रहमत, विनोद बडोनी, राजेंद्र शाह, जगमोहन मेहंदीरत्ता आदि शामिल रहे।
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प्रेस क्लब में आयोजित जन सम्मेलन में आम लोगों के साथ ही प्रमुख विपक्षी दलों और विभिन्न जन संगठनों के प्रतिनिधि एकत्र हुए। वक्ताओं ने कहा कि बस्तियों से लोगों को बेघर और बेदखल करना अमानवीय है। मांग की कि जब तक मालिकाना हक या पुनर्वास का वादा सरकार पूरा नहीं करती, तब तक किसी को बेघर न किया जाए।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार अपना फर्ज न निभाकर कोर्ट के आदेशों के बहाने लोगों को बेदखल और बेघर करने की कोशिश कर रही है। कानून के अनुसार शहरों, वन इलाकों और ग्रामीण इलाकों में लोगों को हक देना सरकार का फर्ज है, लेकिन भाजपा सरकार इस पर कोई कदम नहीं उठा रही है। वक्ताओं ने मांग की कि ग्रामीण इलाकों में लोगों को अधिकार मिले, एलिवेटेड रोड जैसे विनाशकारी परियोजनाओं को रद्द किया जाए, पेड़ों की कटाई और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली परियोजनाओं पर रोक लगे, महिलाओं पर अत्याचार करने वाले अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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उत्तराखंड क्रांति दल के लताफत हुसैन, कांग्रेस के राज्य प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट, समाजवादी पार्टी की हेमा बोरा, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के जिला सचिव सीपी शर्मा, सीपीआई के राष्ट्रीय कौंसिल सदस्य समर भंडारी, समाजवादी लोक मंच के मुनीश कुमार, सीके लेखराज, पूर्व बार काउंसिल अध्यक्ष रजिया बेग, उत्तराखंड महिला मंच की कमला पंत, चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल एवं सुनीता देवी, वन गुर्जर ट्राइबल युवा संगठन के मीर हमजा और बस्ती बचाओ समिति की प्रेमा ने विचार रखे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य महामंत्री गंगाधर नौटियाल और सीपीआई के समर भंडारी ने की। संचालन उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के महासचिव नरेश नौड़ियाल ने किया। इस दौरान पप्पू कुमार, रमन पंडित, संजय साहनी, नरेंद्र, रहमत, विनोद बडोनी, राजेंद्र शाह, जगमोहन मेहंदीरत्ता आदि शामिल रहे।