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धोखाधड़ी: आयकर अधिकारी बनकर आए, साथ ले गए यूपी के माफिया हाजी इकबाल की संपत्तियों के कागज
Thu, 20 Jul 2023 04:52 PM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 20 Jul 2023 04:52 PM IST
सार
13 जुलाई की सुबह उत्तर प्रदेश के फरार चल रहे खनन माफिया हाजी इकबाल अहमद की विकासनगर के शाहपुर कल्याणपुर में स्थित संपत्तियों की जानकारी के संबंध में राजस्व उप निरीक्षक को फोन आया।
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दस्तावेज
- फोटो : pixabay
विस्तार
देहरादून के सब रजिस्ट्रार कार्यालय में जमीन संबंधी दस्तावेज गायब होने के बाद कुछ इसी तरह का मामला विकासनगर तहसील में भी सामने आया है। यहां कुछ लोगों ने खुद को आयकर अधिकारी बता राजस्व विभाग से उत्तर प्रदेश के खनन माफिया हाजी इकबाल की संपत्तियों के कागजात हासिल कर लिए। तहसील प्रशासन के साथ हुई इस धोखाधड़ी से खलबली मच गई। आयकर विभाग के ऐसी कार्रवाई से इन्कार करने के बाद विकासनगर कोतवाली में धोखाधड़ी और सरकारी काम में बाधा डालने आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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घटनाक्रम के मुताबिक, 13 जुलाई की सुबह उत्तर प्रदेश के फरार चल रहे खनन माफिया हाजी इकबाल अहमद की विकासनगर के शाहपुर कल्याणपुर में स्थित संपत्तियों की जानकारी के संबंध में राजस्व उप निरीक्षक को फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम कमल सिंह और पद इनकम टैक्स कमिश्नर बताया। यह भी कहा कि उनकी टीम संपत्तियों को सील करने मौके पर आ रही है। राजस्व उप निरीक्षक ने फोन के संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचित किया। साथ ही शाहपुर-कल्याणपुर क्षेत्र में स्थित हाजी इकबाल की संपत्तियों के बारे में पता लगाकर कथित इनकम टैक्स कमिश्नर को फोन पर सूचनाएं उपलब्ध करा दीं।
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यही नहीं, फोन करने वाले ने गुलशन कुमार नाम के व्यक्ति को आयकर अधिकारी बताते हुए तहसील भेजा और संपत्तियों की खतौनी व अन्य कागजात की हार्ड कॉपी भी हासिल कर ली। उधर, राजस्व विभाग की एक टीम आयकर विभाग की टीम के इंतजार में दिनभर संपत्तियों के आसपास भटकती रही। लेकिन, कई दिनों तक कोई टीम नहीं आई तो राजस्व विभाग के अधिकारियों को शक हुआ। उन्होंने आयकर विभाग में फोन करके कमल सिंह और गुलशन कुमार के बारे में पूछा। पता चला कि इस नाम के व्यक्ति विभाग में कार्यरत ही नहीं हैं। इसके बाद राजस्व उप निरीक्षक डिंपल ने शहर कोतवाली में तहरीर दी। कोतवाल संजय कुमार ने बताया, मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
हाजी इकबाल से संबंधित संपत्तियों के मामले में हुई धोखाधड़ी के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया है। फोन का हवाला भी शिकायत में दिया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य सभी स्थितियों की जांच करके कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह भी देखा जा रहा है आखिर ये कौन लोग हो सकते हैं, जिनको इन संपत्तियों के कागज की इस तरह जरूरत पड़ी।
-विनोद कुमार, एसडीएम, विकासनगर