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दिन में करें गुरु पूजन, रात में होगा चंद्रग्रहण

Tue, 16 Jul 2019 02:15 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jul 2019 02:15 AM IST
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In the day, Guru Poojan will be in the moon, at night
इस वर्ष 16 जुलाई मंगलवार गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया जाएगा। गुरु पूजन के लिए इस दिन का विशेष महत्व है। आषाढ़ शुक्ल इस पूर्णिमा की रात चंद्रग्रहण भी होगा। चंद्रग्रहण 16 की रात 1:32 बजे से शुरू होकर 4:30 बजे तक होगा। जिसका मोक्ष तड़के साढ़े चार बजे तक होगा। ग्रहण की अवधि दो घंटे 58 मिनट रहेगी। ग्रहण का सूतक 16 जुलाई की अपराह्न 4:26 बजे से लगेगा। ग्रहण भारत समेत विभिन्न देशों में दिखाई देगा।
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ज्योतिषाचार्य पंडित विष्णु प्रसाद भट्ट ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पूजन सूतक काल से पहले किया जाना लाभकारी रहेगा। चंद्रग्रहण भारत समेत एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिणी अमेरिका में भी दिखाई देगा। उन्होंने बताया कि ग्रहणकाल में प्रकृति के भीतर कई तरह की नकारात्मक और हानिकारक किरणों का प्रभाव रहता है। लिहाजा, इस दौरान कई ऐसे काम हैं जिन्हें नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक समय को आमतौर पर अशुभ मुहूर्त समय माना जाता है। इस काल में कोई भी अच्छा कार्य नहीं किया जाता।
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महाराजा दक्ष प्रजापति और वेदव्यास की जयंती आज
गुरु पूर्णिमा के दिन धरती के प्रथम राजा और ब्रह्मा के मानस पुत्र कहे जाने वाले महाराजा दक्ष प्रजापति की जयंती भी देशभर में धूमधाम से मनाई जाती है। इस दौरान उनका पूजन और आरती की जाती है। इसी दिन महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास की जयंती भी मनाई जाती है। वे संस्कृत के महान विद्वान थे। महाभारत जैसा महाकाव्य उन्हीं की देन है। सभी 18 पुराणों का रचयिता भी महर्षि वेदव्यास को माना जाता है। वेदों को श्रेणीबद्ध करने का श्रेय भी इन्हीं को दिया जाता है। इसी कारण इनका नाम वेदव्यास पड़ा था। वेदव्यास को आदिगुरु भी कहा जाता है। इसलिए गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।
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शिव हैं सबसे पहले गुरु
पुराणों के अनुसार भगवान शिव सबसे पहले गुरु माने जाते हैं। शनि और परशुराम इनके दो शिष्य हैं। भोले बाबा ने ही सबसे पहले धरती पर सभ्यता और धर्म का प्रचार प्रसार किया था। शिव को आदिनाथ भी कहा जाता है। आदिगुरु शिव ने शनि और परशुराम के अलावा सात अन्य लोगों को भी ज्ञान दिया। ये ही आगे चलकर सप्तर्षि कहलाए।

द्रोणनगरी के मंदिरों में होगी गुरु की विशेष पूजा
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर द्रोणनगरी के मंदिरों में गुरु की विशेष पूजा की जाएगी। इसके लिए विशेष तैयारियां की गईं हैं। प्राचीन मंदिर टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत कृष्णा गिरि महाराज ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सुबह मंदिर में विशेष पूजा अर्चना कर विश्व शांति की कामना की जाएगी। साथ ही महारुद्राभिषेक भी किया जाएगा। किशनपुर, कैनाल रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर ट्रस्टी कर्नल महेंद्र सिंह क्षेत्री (सेवानिवृत्त) ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर मंगलवार को पूजा अर्चना की जाएगी। मंदिर में गुरु की पूजा करने के साथ ही शहीद वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। तुलतुलिया राजपुर स्थित महाकालेश्वर मंदिर के पंडित अशोक कृष्ण ने बताया कि मंदिर में गुरु पूर्णिमा के मौके पर पूजा अर्चना की जाएगी।
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