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Dehradun News: घर के साथ ही प्रदेश के गृह विभाग की कमान भी नारी शक्ति के हाथ

Thu, 19 Oct 2023 01:04 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 19 Oct 2023 01:04 AM IST
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In Devbhoomi, women power is in the hands of their house
Iअपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के अलावा दो महत्वपूर्ण पदों पर गृह विभाग में महिला अधिकारी
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Iप्रदेश के तीन जिलों की कमान महिला अधिकारियों के हाथों मेंI

देवभूमि में नारी शक्ति के हाथ में उनके घर के साथ-साथ प्रदेश के पूरे गृह विभाग की कमान भी है। शासन, पुलिस, जेल, फायर सर्विस की जिम्मेदारी संभाल रहीं ये महिलाएं कानून व्यवस्था की न सिर्फ रीढ़ हैं, बल्कि आधी आबादी की उम्मीद भी हैं। गृह विभाग की मुखिया राधा रतूड़ी वरिष्ठ नौकरशाह हैं। उनके नेतृत्व में गृह विभाग ने पिछले एक साल से अधिक समय में अपराध, भ्रष्टाचार, सांप्रदायिक तनाव और पुलिस सुधारों के मोर्चे पर कई उपलब्धियां हासिल की हैं। गृहस्थी और गृह की दोहरी जिम्मेदारी में संतुलन बनाने वाली इन महिलाओं से रूबरू कराती पेश है यह रिपोर्ट।







Iएसीएस राधा रतूड़ी : त्वरित फैसलों के लिए प्रसिद्ध हैं रतूड़ीI

अपर मुख्य सचिव गृह राधा रतूड़ी गंभीर नौकरशाह हैं। वह 1988 की आईएएस हैं। गृह विभाग से पहले कई अन्य विभागों की जिम्मेदारी देख चुकी हैं। ढाई दशक से ज्यादा की सेवा में उन्होंने फैसले लेने में कभी देर नहीं की। यही उनकी विशेष पहचान है। आज भी कर्मचारियों की समस्या हो या फिर पुलिस विभाग के काम में आने वाली कोई अड़चन सभी को दूर करने में वह विशेष रुचि दिखाती हैं। वह अगले मुख्य सचिव की प्रबल दावेदार हैं। उनके पति अनिल के रतूड़ी प्रदेश के डीजीपी रह चुके हैं।
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Iआईजी रिद्धिम अग्रवाल : कई जिम्मेदारियां संभाल रही रिद्धिमI



आईपीएस रिद्धिम अग्रवाल 2005 बैच की अधिकारी हैं। वह वर्तमान में गृह विभाग में विशेष सचिव के पद पर हैं। इसके साथ उनके पास एसडीआरएफ की जिम्मेदारी भी है। इससे पहले उन्होंने एसटीएफ में रहते भी बड़े अपराधियों पर नकेल कसी है। कई जिलों की कप्तान रह चुकी आईजी रिद्धिम पुलिस विभाग की तेज तर्रार महिला अधिकारियों में जानी जाती हैं। पुलिस और गृह विभाग के बीच वहएक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाती हैं।
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Iआईजी विमला गुंज्याल : पहली महिला आईजी जेल हैं गुंज्यालI



आईजी विमला गुंज्याल प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पदों पर रही हैं। वर्तमान में वह आईजी जेल हैं। जेल की कमान संभालने वाली वह पहली महिला आईपीएस अधिकारी हैं। वर्तमान में उनके कार्यकाल में जेल सुधार में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। जेलों की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर यहां आधारभूत सुविधाओं का समावेश किया जा रहा है। आईजी गुंज्याल राज्य पुलिस सेवा की अधिकारी के तौर पर भर्ती हुई थीं और वर्तमान में 2004 बैच की आईपीएस हैं।


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Iआईजी नीरू गर्ग : फायर सर्विस को सुदृढ़ करने में जुटीं नीरूI

आईजी नीरू गर्ग वर्ष 2005 बैच की आईपीएस हैं। वह कई जिलों की कप्तान रह चुकी हैं। अपने सरल और सौम्य स्वभाव के लिए भी जानी जाती हैं। वर्तमान में उनके कंधों पर यहां की फायर सर्विस को सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी है। जान जोखिम में डालकर लोगों का बचाव करने वाले फायर कर्मियों की सुरक्षा को वह प्रथम स्थान पर रखती हैं। इसके अलावा आधुनिक दौर में उत्तराखंड की फायर सर्विस न पिछड़े इसके लिए विभाग को स्मार्ट बनाने में भी नीरू जुटी हैं।
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