IMA भर्ती घोटाला: 52 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
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भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून में सिविल स्टाफ की भर्ती फर्जीवाड़े में सीबीआई ने बृहस्पतिवार को 52 लोगों के खिलाफ सीबीआई मजिस्ट्रेट कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। डी और सी ग्रुप की भर्ती में हुए इस फर्जीवाड़े में अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक सेना के कुछ लेफ्टिनेंट कर्नल स्तर के अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इनके खिलाफ सीबीआई की ओर से सेना मुख्यालय को लिखा जा रहा है।
आईएमए की ग्रुप सी और डी के पदों के लिए 2012 में हुई भर्ती फर्जीवाड़े में सीबीआई ने बृहस्पतिवार को सीबीआई मजिस्ट्रेट गुंजन सिंह की कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ षडयंत्र, धोखाधड़ी एवं फर्जी दस्तावेजों को असल रूप में इस्तेमाल करने सहित विभिन्न धाराओं में चार्जशीट दाखिल की है।
सीबीआई ने ग्रुप डी में 43 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। 225 पदों के लिए हुई इस भर्ती में 41 अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं।
ग्रुप सी, ग्रुप डी के पदों के लिए 2012 में हुई थी भर्ती
वहीं, फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने के आरोप में दो अन्य डीबीएस इंटर कॉलेज शीशमबाड़ी ऋषिकेश के प्रिंसिपल त्रियंबक सेमवाल व अजबपुर देहरादून निवासी निरंकार सिंह चौहान के खिलाफ सीबीआई इंस्पेक्टर तेज प्रकाश देवरानी की ओर से चार्जशीट दाखिल की गई है। सीबीआई ने इस मामले में 47 गवाह बनाए हैं।
जबकि ग्रुप सी में नौ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। इसमें सात अभ्यर्थी एवं डीबीएस इंटर कॉलेज ऋषिकेश के प्रिंसिपल त्रियंबक सेमवाल और अजबपुर निवासी निरंकार सिंह शामिल हैं। सीबीआई इंस्पेक्टर इंदु मोहन सिंह नेगी की ओर से दाखिल चार्जशीट में सीबीआई ने 25 गवाह बनाए हैं।
यहां से बनाए फर्जी प्रमाण पत्र
सीबीआई को जिन अभ्यर्थियों के फर्जी प्रमाण पत्र मिले हैं, उसमें कई अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र बोर्ड ऑफ हायर सेकेंड्री दिल्ली से बने हैं। आरोप है कि अभ्यर्थियों ने 10 से 12 हजार रुपये में फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए। साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस, कुक, बटलर, लाइब्रेरियन आदि के फर्जी प्रमाण पत्र भी बनाए गए थे।