फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   IMA POP farmer son serving country indian army officer

पिता किसान, लेकिन बेटे ने सेना में अफसर बनकर किया नाम, पढ़िए जज्बे और जोश की ये दास्तां

Mon, 03 Dec 2018 08:44 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 03 Dec 2018 08:44 AM IST
विज्ञापन
IMA POP farmer son serving country indian army officer
सिल्वर मेडल का साथ संजय सिंह - फोटो : अमर उजाला

जल सेना में बतौर सैनिक भर्ती हुए संजय सिंह का सपना सेना में अफसर बनने का था। इस सपने को वे पढ़ाई के बाद तो पूरा नहीं कर पाए, लेकिन जल सेना का हिस्सा रहते जरूर पूरा कर लिया।

विज्ञापन


किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले संजय सिंह के इस सपने को तीन साल पहले पंख लग गए। उन्होंने विभागीय परीक्षा दी और उनका चयन आर्मी कैडेट कॉलेज में हो गया।
विज्ञापन


शुक्रवार को वे न सिर्फ पासआउट हुए बल्कि चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ श्रेणी के सिल्वर मेडल से भी उन्हें नवाजा गया।

मूल रूप से हरियाणा के कैथल निवासी संजय सिंह ने बताया कि वे साढे़ सात साल पहले जल सेना में भर्ती हुए थे। इसके छह माह बाद ही उनकी शादी हो गई। इसके बाद उन्हें तीन बच्चे भी हैं।

संजय सिंह के पिता रामफल किसान हैं, जबकि माता गृहणी हैं। उनकी पत्नी किरन भी इस समय पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहीं हैं।

उन्होंने बताया कि व्यक्ति को कभी सपने छोटे नहीं देखने चाहिए। यदि वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करते हैं एक न एक दिन कामयाब जरूर होते हैं।

इसके अलावा कमांडेंट सिल्वर मेडल पाने वाले संजोक क्षेत्री के पिता कुमार क्षेत्री मसालों के एक्सपोर्टर हैं। वे मूल रूप से दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं।

जबकि, चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ गोल्ड मेडल हासिल करने वाले जितेंद्र चाहर मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं। उनका एक भाई राजस्थान पुलिस में सिपाही है। 
विज्ञापन

112वें कोर्स के 37 कैडेट्स को स्नातक की उपाधि दी

भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में आर्मी कैडेट कॉलेज (एसीसी) की ग्रेजुएशन सेरेमनी में कैडेट्स ने अपनी मेधा का दम दिखाया। इस अवसर पर विंग कैडेट कैप्टन जितेंद्र चाहर को गोल्ड मेडल सहित कई अवॉर्ड दिए गए।

कॉलेज के 112वें कोर्स से पासआउट होने वाले 37 कैडेट्स को जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की डिग्री दी गई। अब ये कैडेट एक साल तक अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। शुक्रवार को आईएमए के चेटवुड हॉल में प्रभारी कमांडेंट मेजर जनरल जेएस नेहरा ने एसीसी के 112वें कोर्स के 37 कैडेट्स को स्नातक की उपाधि दी। उन्होंने कैडेट्स को कई अवार्ड से नवाजा गया। इनमें 17 को विज्ञान संकाय और 20 को ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम की डिग्री दी गई।

कॉलेज से पासआउट यह कैडेट्स अब आईएमए में एक साल का प्रशिक्षण हासिल करेंगे। इसके बाद अगले साल आईएमए से पासआउट होंगे। आईएमए प्रभारी कमांडेंट ने अफसर बनने जा रहे इन कैडेट्स को शुभकामनाएं दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में तमाम जांबाज ऑफिसर ऐसे हैं, जिन्होंने एसीसी से आगे का सफर तय करते हुए अपनी प्रतिभा के दम पर कई पदक हासिल किए हैं। इस अवसर पर एसीसी के विंग कैडेट कैप्टन जितेंद्र चाहर को गोल्ड मैडल दिया गया। सेरेमनी में कारगिल कंपनी को कमांडेंट बैनर से नवाजा गया। इस कोर्स में उत्तराखंड के पांच कैडेट्स भी पास हुए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed