{"_id":"60c0698c7293a22e00787443","slug":"ima-pop-2021-future-army-officers-showed-stamina-in-deputy-commandant-parade","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईएमए पासिंग आउट परेड 2021 : डिप्टी कमांडेंट परेड में भावी अफसरों ने दिखाया दम-खम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईएमए पासिंग आउट परेड 2021 : डिप्टी कमांडेंट परेड में भावी अफसरों ने दिखाया दम-खम
Wed, 09 Jun 2021 02:02 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 09 Jun 2021 02:02 PM IST
सार
आईएमए में आयोजित की गई परेड, डिप्टी कमाडेंट मेजर जनरल जेएस मंगत ने ली सलामी, 12 को होगी पासिंग आउट परेड, इस बार 425 कैडेट्स होंगे पास आउट, 84 विदेशी कैडेट्स भी शामिल।
विज्ञापन
आईएमए
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डिप्टी कमांडेंट परेड में कदम-कदम बढ़ाए जा खुशी के गीत गाए जा, ऐ जिंदगी है कौम की... गीत पर जब जेंटलमैन कैडेट्स ने कदम से कदम मिलाकर ड्रिल स्क्वायर पर परेड की तो उनका जोश और जज्बा देखते की बन रह था। परेड के बाद उन्होंने अंतिम पग भरा तो हेलीकॉप्टरों से उन पर पुष्प वर्षा की गई। आईएमए के डिप्टी कमाडेंट एवं मुख्य प्रशिक्षक मेजर जनरल जेएस मंगत ने परेड की सलामी ली।
विज्ञापन
भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में पासिंग आउट परेड 12 जून को आयोजित होगी। इस बार 425 कैडेट पासआउट होंगे। इसमें 341 भारतीय सेना का हिस्सा बनेंगे, जबकि अन्य 84 विदेशी कैडेट हैं। इन कैडेट ने मंगलवार को डिप्टी कमाडेंट परेड में कदमताल की। डिप्टी कमाडेंट ने कैडेट्स में जोश भरते हुए कहा कि अच्छे आचरण व पराक्रम के साथ एक योद्धा की जिम्मेदारिया निभाएं।
विज्ञापन
एक सैन्य अफसर की अपने हरेक जवान के प्रति जिम्मेदारी बनती है। उसके भरोसे पर खरा उतरने की कोशिश करें। ऐसे उदाहरण स्थापित करें कि वे गर्व से आपकी ओर देखें। यही अकादमी में सिखाया भी गया है।
विज्ञापन
डिप्टी कमांडेंट ने कहा कि भारतीय सैन्य दस्ता दुनिया में सबसे अच्छा, दिल से सरल, वफादार और देशभक्ति से भरा है, लेकिन एक अधिकारी के रूप में आपको अपने इरादे और कार्यों की सत्यता व पवित्रता के आधार पर सैनिकों का सम्मान और विश्वास अर्जित करना होगा। यह विश्वास अगर बन गया तो वे हर युद्ध में अपका अनुसरण करेंगे और उसे जीत भी लेंगे।
उन्होंने प्रशिक्षण के सफल समापन पर विदेशी कैडेट्स को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विदेशी कैडेट्स ने यहां न सिर्फ जीवनभर के लिए दोस्त बनाए हैं, बल्कि अपने देश का भी बहुत अच्छे ढंग से प्रतिनिधित्व किया।