उत्तराखंड में ‘नेताओं’ के खेत में उग रहा अफीम!
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उत्तराखंड की ऊंची दुर्गम पर्वतीय श्रंखलाओं पर अफीम की अवैध खेती लहलहा रही है। आसानी से नजर न आने वाले इन इलाकों में कुछ ‘नेताओं’ के भी खेत हैं।
मसूरी तहसील ने जिला प्रशासन को इस संबंध में गोपनीय रिपोर्ट दी है। कुछ नेताओं के नाम आ जाने से मामला दबा हुआ है। लेकिन सुगबुगाहट मिलने पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने इस पर संज्ञान ले लिया है।
तहसील ने मसूरी और टिहरी जिले के मिले-जुले इलाकों में अफीम की अवैध फसल की तसदीक की है। गोपनीय रिपोर्ट में उत्तराखंड के परोड़ी, थत्यूड़ समेत आधा दर्जन क्षेत्रों में अवैध रूप से अफीम की खेती किए जाने की खबर है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में छानबीन कर रही नारकोटिक्स टीम
तहसील के अधिकारियों से कहा गया है कि एक बार फिर से लाइसेंस के संबंध में जांच कर लें, जिससे बखेड़ा खड़ा न हो।
हालांकि तहसील आश्वस्त है कि इन क्षेत्रों में अफीम की अवैध तरीके से खेती की जा रही है। तहसील के सूत्रों का कहना है कि जहां पर खेत हैं, उन इलाकों में वाहन नहीं जा सकते।
एक मात्र विकल्प पैदल रास्ता है। इस मामले का नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने संज्ञान ले लिया है। ब्यूरो ने पिछले साल टिहरी में 60 एकड़ अफीम की अवैध खेती जलाई थी। ब्यूरो की टीम ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में छानबीन कर रही है।