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खनन माफिया पर मेहरबान उत्तराखंड सरकार
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Fri, 20 Feb 2015 12:49 PM IST
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वर्ष 2013 में 13 खनन माफिया पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। जबकि एक स्टोन क्रशर के मालिकों के नाम पुलिस ने अपनी जांच में पहले ही बाहर कर दिए थे।
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अरुण मोहन जोशी का हुआ तबादला
25 मई 2013 को पुलिस के एक विशेष दस्ते ने फेरूपुर चौकी क्षेत्र में महाराजा स्टोन क्रशर के आसपास छापा मारा था। इस दौरान अवैध खनन सामग्री से भरे कई वाहन भी दस्ते ने कब्जे में लिए थे। पथरी पुलिस ने तब क्रशर के मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। अगले ही माह (जून) में एसएसपी रहे अरुण मोहन जोशी का तबादला हो गया था।
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पथरी पुलिस ने 28 अक्तूबर को 13 खनन माफिया के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर दाखिल किए थे। लेकिन तब तक खनन माफियाओं पर दर्ज मुकदमे की वापसी का खेल शुरू हो गया था। क्रशर स्वामियों के नाम भी पुलिस ने अपनी जांच में बाहर कर दिए थे।
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जबकि तत्कालीन एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने क्रशर स्वामियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल कर लिए थे। 28 अगस्त 2014 को शासकीय अधिवक्ता राजू सिंह विश्नोई ने राजस्व की हानि होने का हवाला देते हुए जनहित में मुकदमा वापसी का विरोध करते हुए राय दी।
इसके विपरीत 27 नवंबर को शासन के संयुक्त सचिव सुभाष चंद्र ने खनन माफिया के खिलाफ चल रहे मुकदमे को वापस लेने के आदेश जारी कर दिए। फिलवक्त मामला हरिद्वार की एक कोर्ट में विचाराधीन है। लेकिन शासन से मुकदमा वापसी के आदेश जारी होने पर देर सबेर वापस हो ही जाएगा।
इनके खिलाफ दाखिल हुआ है आरोप पत्र
स्थानीय पुलिस ने 13 खनन माफिया के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। आरोपियों में अजय कुमार, सचिन, कश्मीर सिंह, श्रवण, धर्मसिंह, रविंद्र, मुकेश, जावेद पुत्र मुस्तकीम, जावेद पुत्र रहीश, अमित सैनी, बिट्टू, किरता उर्फ किरत एवं अमोल वत्स है।
सभी पथरी क्षेत्र के गांव रानीमाजरा, शाहपुर शीतलाखेडा, बिशनपुर कुंडी, फेरूपुर, मुजफ्फरनगर के गांव झटेला तितावी और शामली के दुलाखेडी पक्कीगढ़ी, खेड़ी पटनी भौराकलां के रहने वाले हैं।
मुकदमा वापसी के आदेश मिल गए थे। मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। खनन माफियाओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे के वापस लेने के विरोध में शासकीय अधिवक्ता ने अपनी राय भेज दी थी।
- स्वीटी अग्रवाल, एसएसपी