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राजधानी के पास धड़ल्ले से हो रहा खनन
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 07 Sep 2014 11:38 AM IST
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राजधानी देहरादून से मात्र पांच किलोमीटर की दूरी पर है रायपुर ब्लाक का गांव सौड़ा सरोली। गांव के पास से गुजरती है सौंग नदी। आजकल इस नदी में पूरी रात रेता-बजरी और पत्थर का अवैध खनन किया जा रहा है।
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विभाग के अधिकारियों को नहीं दिखाई देता कुछ
सौड़ा पुल के निचले हिस्से से आगे नदी में करीब सौ ट्रैक्टर ट्रालियां खनन सामग्री ढोने का कार्य करती हैं। रात में खनिज निकाल कर खाली जगहों पर एकत्रित किया जाता है, दिन में ट्रकों एवं डंपरों में भरकर संबंधित जगहों पर पहुंचा दिया जाता है।
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यह सब खुलेआम चल रहा है लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारियों को कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। मामले की शिकायत पुलिस और प्रशासन और शासन तक से की गई है लेकिन खनन रोकने के लिए बनी टास्क फोर्स कभी इधर नहीं आई।
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लोग सवाल करने लगे हैं कि यदि सरकार राजधानी से पांच किमी दूर की नदी में खनन नहीं रोक सकती तो पूरे प्रदेश में क्या हाल होगा? कई गांव वाले बताते हैं कि रात में ट्रैक्टर ट्रालियों की शोर की वजह से लोगों का नींद हराम हो गई है।
इसी तरह दिन में ट्रक और डंपरों का शोर में भी चैन से रहने नहीं देता। कुछ लोग यदि खनन करने वालों को रोकते-टोकते हैं तो उन्हें धमकियां दी जाती हैं। डर कर लोग चुप हो जाते हैं।
एक सूत्र ने बताया कि 9735, 9359, 2855, 8671, 2240, 4406, 4515, 3965, 2181, 8218, 5595, 1938, 0736, 0139, 2306, 8672, 9951, 5248, 4617, 2755, 6438, 7763, 7716 नंबर के वाहन अवैध खनन में दिन रात लगे हैं।
दुल्हनी नदी में बेधड़क खनन
नकरौंदा कुआंवाला क्षेत्र में दुल्हनी नदी से दिन-रात अवैध रूप से खनिज संपदा का दोहन किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने की बजाय मूकदर्शक बने हैं। कुआंवाला ग्रामसभा में शराब फैक्ट्री के निकट दुल्हनी नदी क्षेत्र है, जो आगे आकर लच्छीवाला में पिकनिक स्पॉट पर मिल रही है।
दुल्हनी से जुडे़ जंगली खालों में महीनों से खनन किया जा रहा है। यहां से प्रतिदिन 50 से 100 ट्रैक्टर ट्राली रेत-बजरी निकाली जा रही है। बेखौफ खनन माफिया को पखवाड़ाभर पहले एक ग्रामीण ने रोकने का प्रयास किया तो उस पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की गई।
जबकि खनन निरीक्षक मनीराम लखेड़ा का कहना है कि विभाग की टीम क्षेत्र में बराबर गश्त कर रही है। नकरौंदा और कुआंवाला से अवैध खनन की शिकायत मिली है, जिस पर टीम औचक छापेमारी करेगी।
वहीं लच्छीवाला के रेंजर विश्वपाल सिंह चौधरी कहते हैं कि वन क्षेत्र में अवैध खनन नहीं हो रहा है। वन क्षेत्र की सीमाओं पर विभाग की ओर से खाई खोदी जा चुकी है। विभागीय गश्ती दल सक्रिय है।