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खनन छापामारी के पीछे छिपे 'राज' का पर्दाफाश
अमर उजाला, डॉ. योगेश योगी, हरिद्वार
Updated Tue, 27 Aug 2013 09:49 AM IST
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पिछले एक महीने के दौरान हरिद्वार जिले में अवैध खनन के मामले बेतहाशा बढ़े। जिले में अवैध खनन बढ़ने के साथ ही अधिकारियों की टीम पर हमले की खबर भी आनी शुरू हो गई।
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एक महीने के अंदर ही चार अलग-अलग अधिकारियों की टीम पर हमले की खबर आई। लेकिन अवैध खनन के खिलाफ छापामारी में जान पर खेलने की खबर मीडिया को देकर ‘महान’ बनने वाले अफसरों की कहानी आखिर उच्चाधिकारियों के सामने क्यों नहीं टिक पाई।
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पहले दिन जान पर बाजी लगाने की बात कहने वाले अधिकारी अगले दिन मुकर गए।
किसको है फायदा
अगर अधिकारियों पर हमले नहीं हो रहे हैं तो हमले की खबर कौन फैला रहा है और इससे किसको फायदा हो सकता है। इस बिंदु की जड़ तक जांच होनी चाहिए। आखिर प्रशासन में वह कौन-कौन हैं जो मीडिया को मोहरा बनाकर पूरा खेल खेल रहे हैं। मीडिया के सामने बखान पर पहले हीरो बन जाते हैं और अपने अफसरों के सामने फिर दुबक जाते हैं।
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कहानी में क्या है कॉमन
- अधिकारियों की गाड़ी पर ट्रैक्टर-ट्राली चढ़ाने का प्रयास
- टीम पर हमला, अधिकारी पर आंच नहीं
- हमले में सीधी रिपोर्ट कराने से बचते हैं अधिकारी
- मीडिया के सामने अलग और उच्चाधिकारियों को अलग बयान
- हमले की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को नहीं
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