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साइबर क्राइम के निपटने को मिलेगा आईआईटी का साथ
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प्रदेश में साइबर क्राइम से निपटने को उत्तराखंड पुलिस को देश की सबसे अच्छे आईआईटी का साथ मिलेगा। आईआईटी के कंप्यूटर साइंस विभाग के साथ मिलकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। यह बात सोमवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित पुलिस ऑफिसर कांफ्रेंस में मुख्य सचिव एसएस संधू ने कही। उन्होंने कहा कि इससे साइबर क्राइम से लड़ने के लिए सबसे अच्छी तकनीक का प्रयोग किया जा सकेगा। इसका खर्च भी शासन ही उठाएगा।
सोमवार को उद्घाटन सत्र का विषय स्मार्ट पुलिसिंग था। इस मौके पर मुख्य अतिथि मुख्य सचिव एसएस संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्मार्ट पुलिसिंग के लक्ष्य को पाने के लिए इस समय पुलिस बेहतर प्रयास कर रही है। वर्तमान में सामान्य अपराध तो कम हो गया है, लेकिन साइबर क्राइम में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इसके लिए जरूरी है कि उत्तराखंड पुलिस को बेहतर तकनीक मिले। ताकि, समय रहते लोगों को न्याय दिलाया जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस को इसके लिए देश के सबसे अच्छे आईआईटी, जिसमें कंप्यूटर साइंस विभाग भी देश में सबसे अच्छा होगा उसके साथ मिलकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अपराध कम होने से यहां पर सुरक्षित व शांतिप्रिय माहौल है। यह माहौल उद्योगों और पर्यटन के लिए बेहद अच्छा है। उत्तराखंड के पुलिसकर्मियों का व्यवहार भी अन्य प्रदेशों के मुकाबले बेहतर रहता है। लेकिन, पर्यटन के लिहाज से इसे और भी बेहतर बनाने का प्रयास किया जाए। ताकि, यहां पर पर्यटक अपने को सुरक्षित महसूस करें। इस दौरान डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने 20 वर्षों में बहुत कुछ हासिल किया है। इस बीच हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर हए हैं। पुलिस संवेदनशील बनी है। लेकिन, अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। इसके लिए पुलिस के ऑपरेशनल, प्रशासनिक और आधुनिकीकरण के स्तर पर अच्छे काम किए जाएंगे।
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नशे से निपटने को होगी तिमाही बैठक
मुख्य सचिव ने प्रदेश में नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता भी जाहिर की। इससे निटपने को उन्होंने मजबूत कार्ययोजना बनाने की बात भी कही। उन्होंन कहा कि ड्रग्स के लिए एडीटीएफ को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। ताकि, नशा तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा जागरूकता की दिशा में भी कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने समाज कल्याण विभाग, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग में समन्वय पर जोर दिया। कहा कहा कि यह तीनों विभाग हर तीन महीने में बैठक कर नशा के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दें।
केदारकांठा और चोपता में थाने खोलने की मांग
बैठक में पुलिस ने उत्तरकाशी के केदारकांठा और रुद्रप्रयाग के चोपता में थाने या चौकी खाने की बात मुख्य सचिव के सामने रखी। पुलिस के अनुसार इन दोनों क्षेत्रों में पिछले वर्षों में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। लिहाजा, यहां पर पुलिस की मौजूदगी होगी तो वहां पर कानून व्यवस्था को बनाए रखने में मदद मिल सकेगी।
इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
- कार्मिक, प्रोवजिनिंग, आधुनिकीकरण, पुलिस कल्याण, कानून व्यवस्था, फायर, संचार, ड्रग्स, साइबर क्राइम आदि पर मंथन किया गया।
- एंटी ड्रग्स, नशा मुक्ति व पुनर्वास केन्द्रों के लिए पॉलिसी पर चर्चा की गयी।
- पुलिस आधुनिकीकरण के लिए बजट बढ़ाये जाने का अनुरोध किया गया।
- पुलिस प्रशिक्षण केन्द्रों में प्रशिक्षण भत्ते प्रदान करने का अनुरोध किया गया।
- प्रदेश में पुलिस भवनों, थाना/चौकियों के भवनों के लिए बजट बढ़ाने का अनुरोध किया गया।
- निष्क्रिय वाहनों के स्थान पर नए वाहनों स्वीकृत करने पर चर्चा की गयी।
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सोमवार को उद्घाटन सत्र का विषय स्मार्ट पुलिसिंग था। इस मौके पर मुख्य अतिथि मुख्य सचिव एसएस संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्मार्ट पुलिसिंग के लक्ष्य को पाने के लिए इस समय पुलिस बेहतर प्रयास कर रही है। वर्तमान में सामान्य अपराध तो कम हो गया है, लेकिन साइबर क्राइम में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इसके लिए जरूरी है कि उत्तराखंड पुलिस को बेहतर तकनीक मिले। ताकि, समय रहते लोगों को न्याय दिलाया जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस को इसके लिए देश के सबसे अच्छे आईआईटी, जिसमें कंप्यूटर साइंस विभाग भी देश में सबसे अच्छा होगा उसके साथ मिलकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अपराध कम होने से यहां पर सुरक्षित व शांतिप्रिय माहौल है। यह माहौल उद्योगों और पर्यटन के लिए बेहद अच्छा है। उत्तराखंड के पुलिसकर्मियों का व्यवहार भी अन्य प्रदेशों के मुकाबले बेहतर रहता है। लेकिन, पर्यटन के लिहाज से इसे और भी बेहतर बनाने का प्रयास किया जाए। ताकि, यहां पर पर्यटक अपने को सुरक्षित महसूस करें। इस दौरान डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने 20 वर्षों में बहुत कुछ हासिल किया है। इस बीच हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर हए हैं। पुलिस संवेदनशील बनी है। लेकिन, अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। इसके लिए पुलिस के ऑपरेशनल, प्रशासनिक और आधुनिकीकरण के स्तर पर अच्छे काम किए जाएंगे।
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नशे से निपटने को होगी तिमाही बैठक
मुख्य सचिव ने प्रदेश में नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता भी जाहिर की। इससे निटपने को उन्होंने मजबूत कार्ययोजना बनाने की बात भी कही। उन्होंन कहा कि ड्रग्स के लिए एडीटीएफ को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। ताकि, नशा तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा जागरूकता की दिशा में भी कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने समाज कल्याण विभाग, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग में समन्वय पर जोर दिया। कहा कहा कि यह तीनों विभाग हर तीन महीने में बैठक कर नशा के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दें।
केदारकांठा और चोपता में थाने खोलने की मांग
बैठक में पुलिस ने उत्तरकाशी के केदारकांठा और रुद्रप्रयाग के चोपता में थाने या चौकी खाने की बात मुख्य सचिव के सामने रखी। पुलिस के अनुसार इन दोनों क्षेत्रों में पिछले वर्षों में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। लिहाजा, यहां पर पुलिस की मौजूदगी होगी तो वहां पर कानून व्यवस्था को बनाए रखने में मदद मिल सकेगी।
इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
- कार्मिक, प्रोवजिनिंग, आधुनिकीकरण, पुलिस कल्याण, कानून व्यवस्था, फायर, संचार, ड्रग्स, साइबर क्राइम आदि पर मंथन किया गया।
- एंटी ड्रग्स, नशा मुक्ति व पुनर्वास केन्द्रों के लिए पॉलिसी पर चर्चा की गयी।
- पुलिस आधुनिकीकरण के लिए बजट बढ़ाये जाने का अनुरोध किया गया।
- पुलिस प्रशिक्षण केन्द्रों में प्रशिक्षण भत्ते प्रदान करने का अनुरोध किया गया।
- प्रदेश में पुलिस भवनों, थाना/चौकियों के भवनों के लिए बजट बढ़ाने का अनुरोध किया गया।
- निष्क्रिय वाहनों के स्थान पर नए वाहनों स्वीकृत करने पर चर्चा की गयी।