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इस आईएफएस ने पेश की मिसाल, पुलवामा शहीदों के परिजनों को दिए फीस में मिले 2.70 लाख रुपये

Thu, 07 Mar 2019 10:48 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हल्द्वानी Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 07 Mar 2019 10:48 AM IST
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Ifs officer sanjeev chaturvedi give two lakh 70 thousand rupees to Pulwama martyr family
आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी

आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने पुलवामा शहीदों के परिजनों को 2.70 लाख रुपये दिए हैं। यह राशि उन्हें ऑर्बिट्रेटर के रूप काम करने पर बतौर फीस मिली थी। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड और एस फॉक्स कंस्ट्रक्शन कंपनी के बीच छह करोड़ रुपये के ठेके को लेकर विवाद चल रहा था।

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विवाद के निपटारे के लिए चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने उत्तराखंड वन संरक्षक अनुसंधान पद पर तैनात आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी को जनवरी 2018 में मध्यस्थ नियुक्त किया गया था।
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नियमों के अनुसार ऑर्बिट्रेटर को एक साल में विवाद पर निर्णय देना होता है। फरवरी में चतुर्वेदी ने इसकी सुनवाई शुरू की थी। 23 फरवरी को ऑर्बिट्रेटर ने इस मामले में अंतिम निर्णय सुनाया। संजीव चतुर्वेदी ने अपने आदेश में कहा कि मध्यस्थ की फीस तय होती है। चूंकि इस विवाद में सड़क निर्माण में हुई देरी पर मुख्य बिंदु करीब 60 लाख रुपये को लेकर था।

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ऑर्बिट्रेटर एक्ट के अनुसार मध्यस्थ की फीस और प्रशासनिक व्यय मिलाकर संजीव को लगभग 2.70 लाख का भुगतान किया जाना था। नियमों के अनुसार यह धनराशि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड व निर्माण कंपनी को आधा-आधा वहन करना था।

संजीव ने 23 फरवरी 2019 पारित अपने आदेश में मध्यस्थ के रूप में उनकी फीस और अन्य व्यय को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से पुलवामा आतंकी हमले के शहीदों के परिजनों की सहायता के लिए खोले गए खाते में जमा कराने को कहा है।

इसके पहले भी 2015 में रमन मैगसायसाय अवार्ड मिलने पर उन्होंने पूरी धनराशि एम्स में गरीब मरीजों के इलाज के लिए दान कर दी थी। एम्स ने यह धनराशि स्वीकार नहीं की। इस पर चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में धनराशि दान कर दी थी। हाल में ही सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक फरवरी को दिए गए निर्णय में इस प्रकरण का विस्तार से उल्लेख भी किया गया है।

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