Dehradun News: अग्निकांड हुआ तो हांफ जाएगी फायर ब्रिगेड, उम्रदराज हुए आधे से ज्यादा वाहन
आग लगने की सूचना पर सबसे पहले मौके के लिए फायर टेंडर को ही भेजा जाता है। देहरादून फायर स्टेशन के पास ऐसे छोटे-बड़े आठ फायर टेंडर हुआ करते थे। इनमें एक मिनी टेंडर, सात मध्यम आकार के और एक बड़ा वाटर टेंडर शामिल है। लेकिन, इनमें से अब पांच वाटर टेंडर अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं।
विस्तार
राजधानी की फायर ब्रिगेड अब बूढ़ी हो चली है। आधे से ज्यादा वाहन (वाटर टेंडर) अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं। ऐसे में कोई बड़ा अग्निकांड हुआ तो बूढ़ी फायर ब्रिगेड हांफ जाएगी। यही नहीं अंग्रेजों के जमाने के बनाए वाटर हाइडेंट शहर में अब एक भी जीवित नहीं है। हालांकि, फायर ब्रिगेड ने वैकल्पिक व्यवस्थाओं में कमी नहीं छोड़ी है।
दो दर्जन से अधिक जगह से पानी भरने के लिए ये व्यवस्थाएं की गई हैं। मगर, वक्त बे वक्त ये कितना काम आएंगी इसका पता समय पर ही चल पाएगा। अलबत्ता पिछले साल दीपावली पर जितने इंतजाम थे इस साल फायर सर्विस के पास उससे भी कम बचे हैं।
दरअसल, आग लगने की सूचना पर सबसे पहले मौके के लिए फायर टेंडर (पानी की बौछार करने वाली गाड़ी) को ही भेजा जाता है। देहरादून फायर स्टेशन के पास ऐसे छोटे-बड़े आठ फायर टेंडर हुआ करते थे। इनमें एक मिनी टेंडर, सात मध्यम आकार के और एक बड़ा वाटर टेंडर शामिल है। लेकिन, इनमें से अब पांच वाटर टेंडर अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं। इनमें बड़ा वाटर टेंडर ने तो 15 नहीं बल्कि 26 साल अपनी सेवाएं दी हैं। मगर, अब यह भी रिटायरमेंट की लाइन में खड़ा हो गया है।
वाटर टेंडर का काम सिर्फ वाटर टेंडर से ही चलेगा
इस तरह फायर ब्रिगेड देहरादून के पास केवल तीन वाटर टेंडर ही बचे हैं। इनमें एक मिनी वाटर टेंडर और दो मध्यम आकार के टेंडर शामिल हैं। एक रेस्क्यू वाहन भी सेवानिवृत्त होने वाला है। इनकी सहायता के लिए कुछ और वाहन भी लगाए गए हैं। मगर, इनकी भी अपनी-अपनी अलग विशेषताएं हैं। ऐसे में वाटर टेंडर का काम सिर्फ वाटर टेंडर से ही चलेगा।
तैयारियां पहले की तरह की जा रही हैं। गाड़ियों में पानी भरने के लिए कई वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। जहां तक संसाधनों की कमी की बात है तो देहरादून शहर की संवेदनशीलता को देखते हुए जिले के अन्य फायर स्टेशनों से भी वाहन मंगा लिए जाएंगे। केंद्रीय संस्थानों के साथ भी समन्वय बनाया जा रहा है। -वंश बहादुर यादव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, देहरादून
वर्तमान में ये है फायर स्टेशन देहरादून का बेड़ा
वाटर कैनन-02 (बिना हौज पाइप वाली गाड़ी दूर खड़े होकर पानी की बौछार करती है। इसका इस्तेमाल भीड़ नियंत्रण के लिए लोगों पर पानी की बौछार के लिए भी किया जाता है।)
मिनी टेंडर-01 (छोटे आकार की गाड़ी पर बनाया हुआ होता है।)
वाटर ब्राउजर-01(जरुरत पड़ने पर इस वाहन से वाटर टेंडर को पानी दिया जाता है। इसकी क्षमता अलग-अलग होती है।)
मल्टीपर्पज वाहन-01
वाटर टेंडर-02 (मध्यम आकार के वाहन)
बैग पैक बाइक-02 (मोटरसाइकिल पर अग्निशमन यंत्र लगे होते हैं।)
सीएफटी-01(क्रैश फायर टेंडर। इसका इस्तेमाल हवाई जहाज क्रैश होने के वक्त आग बुझाने में किया जाता है।)
तेल डालकर एविएशन विभाग का सीएफटी इस्तेमाल कर रही फायर ब्रिगेड
ये भी पढ़ें...Kedarnath By-Election: कुलदीप के तेवर से भाजपा में बेचैनी, सुर्खियों में है सोशल मीडिया पर जारी यह बयान
किसी भी बड़ी आग पर क्रैश फायर टेंडर (सीएफटी) बेहद कारगर साबित होती है। यह ज्यादातर एयरपोर्ट और बड़े हेलीपैड पर खड़ी की जाती है। लेकिन, इस वक्त देहरादून फायर सर्विस भी इसका इस्तेमाल कर रही है। मगर यह वाहन फायर सर्विस का नहीं बल्कि एविएशन विभाग का है। इसमें अपना तेल डालकर फायर सर्विस इसे इस्तेमाल करने में लगी हुई है। जरूरत पड़ने पर इसे एयरपोर्ट से ही बुलाना पड़ेगा।I