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Dehradun News: टेंडर ही नहीं हुआ तो कैसे मिलेंगी स्कूली बच्चों को कॉपियां
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IIसिर्फ कागजों में बटीं कॉपियां, टेंडर करना भूली सरकार
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Iप्रदेशभर के 10 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को मिलनी हैं कॉपियां
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Iउत्तराखंड सरकार की ओर से नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 में सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं निशुल्क कॉपियां देने की घोषणा की गई थी। सत्र शुरू हुए दो महीने से भी अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक टेंडर ही जारी नहीं किया गया है। ऐसे में सवाल यह है कि बिना टेंडर बच्चों को निशुल्क कॉपियां कैसे मिलेंगी।
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Iहर साल सरकार की ओर से सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को निशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं। वहीं इस साल नई पहल करते हुए कॉपियां वितरित करने की भी घोषणा की गई थी। ऐसे में विद्यालयों में 90 फीसदी से अधिक किताबें तो पहुंच गईं, लेकिन लाखों बच्चों को जिन कॉपियों का इंतजार था, वे अब तक पहुंची ही नहीं। प्रदेश भर में करीब 10 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को इन मुफ्त कॉपियों का लाभ मिलना है।
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Iशिक्षकों ने बताया, प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में अधिकतर छात्र वह हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में सरकार की ओर से इन बच्चों को कॉपियां उपलब्ध कराई जानी हैं। इस घोषणा का अभिभावकों के साथ छात्रों ने भी स्वागत किया था।
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Iविद्यालयों में करीब 90 फीसदी से अधिक किताबें पहुंच चुकी हैं। कुछ एक विषयों की किताबें रह गई हैं। जल्द ही उन्हें भी वितरित कर दिया जाएगा। रही बात निशुल्क कॉपियों के वितरण की तो सरकार की ओर से टेंडर जारी करते ही कॉपियां वितरित कर दी जाएंगी। - डॉ. मुकुल कुमार सती, निदेशक, माध्यमिक शिक्षाI
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IIसिर्फ कागजों में बटीं कॉपियां, टेंडर करना भूली सरकार
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Iप्रदेशभर के 10 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को मिलनी हैं कॉपियां
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Iउत्तराखंड सरकार की ओर से नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 में सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं निशुल्क कॉपियां देने की घोषणा की गई थी। सत्र शुरू हुए दो महीने से भी अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक टेंडर ही जारी नहीं किया गया है। ऐसे में सवाल यह है कि बिना टेंडर बच्चों को निशुल्क कॉपियां कैसे मिलेंगी।
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Iहर साल सरकार की ओर से सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को निशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं। वहीं इस साल नई पहल करते हुए कॉपियां वितरित करने की भी घोषणा की गई थी। ऐसे में विद्यालयों में 90 फीसदी से अधिक किताबें तो पहुंच गईं, लेकिन लाखों बच्चों को जिन कॉपियों का इंतजार था, वे अब तक पहुंची ही नहीं। प्रदेश भर में करीब 10 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को इन मुफ्त कॉपियों का लाभ मिलना है।
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Iशिक्षकों ने बताया, प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में अधिकतर छात्र वह हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में सरकार की ओर से इन बच्चों को कॉपियां उपलब्ध कराई जानी हैं। इस घोषणा का अभिभावकों के साथ छात्रों ने भी स्वागत किया था।
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Iविद्यालयों में करीब 90 फीसदी से अधिक किताबें पहुंच चुकी हैं। कुछ एक विषयों की किताबें रह गई हैं। जल्द ही उन्हें भी वितरित कर दिया जाएगा। रही बात निशुल्क कॉपियों के वितरण की तो सरकार की ओर से टेंडर जारी करते ही कॉपियां वितरित कर दी जाएंगी। - डॉ. मुकुल कुमार सती, निदेशक, माध्यमिक शिक्षाI