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कांग्रेस में हिम्मत हैं तो कुछ कर के दिखाए: निशंक
अमर उजाला, अजित सिंह राठी, देहरादून
Updated Mon, 16 Sep 2013 08:05 PM IST
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उत्तराखंड के पूर्व सीएम डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को अपनी सरकार बचाने की चुनौती दे डाली है। निशंक ने कहा कि हम अभियान शुरू कर रहे हैं, कांग्रेसी अपनी सरकार बचा सकते हैं तो बचा लें।
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उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ एक नहीं सौ जांच आयोग गठित कर ले, मैं हर परिस्थिति का सामना करने को तैयार हूं। निशंक ने कहा कि सीएम में यदि हिम्मत है तो मेरे साथ केदारनाथ तक पैदल चले, असलियत सामने आ जाएगी।
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सरकार को बताना होगा, धन कहां हुआ खर्च
भाजपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि मैंने सरकार से जो सवाल किए उनका जवाब नहीं मिला। श्वेत पत्र भी जारी नहीं किया। सरकार को यह बताना होगा कि आपदा राहत के लिए अभी तक केंद्र ने कितना पैसा दिया और राज्य ने कितना धन आवंटित किया और कहां पर खर्च हुआ।
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पढ़ें, केदारनाथ पूजा पर गरमाई सियासत
खासतौर पर निजी विमान कंपनियों को आपदा के दौरान किए गए कार्यों के लिए कितना भुगतान किया गया। राहत में मदवार दी गई धनराशि का ब्योरा दिया जाए। इसी केसाथ यह भी बताया जाए कि सोनप्रयाग और केदारनाथ के बीच क्या काम किया।
कई परिवार अपने घर नहीं पहुंचे
निशंक ने कहा कि जलप्रलय से अपने प्राण बचाकर जो लोग जंगलों की तरफ भागे उनकी मौत का जिम्मेदार कौन है। जो लोग रेस्क्यू करके हेलीकॉप्टर से लाए गए उनमें से कई परिवार अपने घर नहीं पहुंचे। डोईवाला के ऐसे कई परिवार हैं। हेल्थ की दृष्टि से जब एसडीएम अरोड़ा ठीक नहीं थे तो उन्हें जबरन क्यों और किसने भेजा।
अभी तक पुनर्वास की क्या व्यवस्था की गई और केदारधाम में पुरोहितों के मकानों के ताले किसने तोड़े। यह भी बताया जाए कि ईपीआईएल जैसी दागी कंपनी को किसने काम दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक विधायक मुझ पर केस होने का बयान देते हैं, सीएम बताए कि मुझ पर कितने केस हैं। इन बड़बोले विधायक की वजह से ही भाटी आयोग को इस्तीफा देना पड़ा। अब त्रिपाठी आयोग का भी वही हश्र होगा।
केदारनाथ जाने के मानक
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश सुमन ध्यानी ने सरकार से पूछा है कि केदानाथ में पूजा के लिए जिला प्रशासन ने जिन 142 व्यक्तियों की सूची तैयार की थी उसका मानक क्या था। और, लक्ष्मी राणा नाम की दायित्वधारी किस मानक के तहत सलेक्ट हुई। सरकार यह भी बताए कि कृषि मंत्री हरक सिंह रावत ने वहां पर रात किसके घर में बिताई।