सीए रिजल्ट 2019: उत्तराखंड के कई होनहारों ने कायम की मिसाल, इनसे जानिए कामयाबी का राज
द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) फाइनल का रिजल्ट जारी कर दिया। खबर लिखे जाने तक दून के चार युवाओं ने छह से सात साल की मेहनत के बाद परीक्षा पास कर ली।
वहीं, हरिद्वार क्षेत्र से पांच अभ्यर्थियों ने उत्तीर्ण की है। पास हुए सभी अभ्यर्थियों ने हरिद्वार में ही तैयारी की। सभी उत्तीर्ण अभ्यर्थी हरिद्वार में ही निजी तौर पर सेवा करेंगे। हरिद्वार के सेंटर पर ही बाहर के विशेषज्ञों की सेटेलाइट से मदद ली। हरिद्वार से बने पांचों अभ्यर्थियों में सीतापुर जानकीपुरम निवासी साक्षी यादव पुत्री ऋषिपाल यादव ने बाल भारती सीनियर सेकेंड्री पब्लिक स्कूल भेल से इंटरमीडिएट की।
जबकि घासमंडी कनखल के निवासी अंशुल अनेजा पुत्र हरिओम अनेजा, सुभाषघाट निवासी सिद्धार्थ भाटिया पुत्र सुरेश चंद भाटिया, कृष्णानगर कनखल निवासी गुंजन खेत्रपाल पुत्री सूरज भान खेत्रपाल ने इंटरमीडिएट शिवडेल पब्लिक स्कूल जगजीतपुर से की। डाट मोहल्ला ज्वालपुर निवासी शिवेश गोयल पुत्र राजेश कुमार गोयल ने इंटरमीडिएट डीपीएस रानीपुर से की। इन पांचों युवाओं ने बताया कि कड़ी मेहनत कर सीए की परीक्षा उत्तीर्ण की। उनके सीए बनने पर सीए अनिल वर्मा, अंकित वर्मा आदि ने बधाई दी।
आईसीएआई ने सीए फाइनल परीक्षा नवंबर 2019 में कराई थी। सीए फाइनल ओल्ड और न्यू कोर्स रिजल्ट में देहरादून के भी चार युवाओं ने परीक्षा में सफलता हासिल की। कड़ी मेहनत के बाद उनकी इस सफलता से पूरे परिवार में खुशी की लहर है।
रोहित की साढ़े सात साल की मेहनत रंग लाई
साढ़े सात साल की मेहनत के बाद रोहित गुप्ता सीए बन गए हैं। उनका कहना है कि अकाउंट्स विषय में रुचि के चलते ही उन्होंने सीए को करियर के रूप में चुना। रिजल्ट आने के बाद उनके परिवार में खुशी की लहर है।
प्रेमनगर निवासी विष्णु भगवान गुप्ता और सुनीता गुप्ता के बेटे रोहित कुमार गुप्ता ने बृहस्पतिवार को जारी हुए सीए फाइनल नतीजों में कामयाबी हासिल की। उनकी इस सफलता से पूरे परिवार में खुशी की लहर है।
रोहित ने 12वीं तक की पढ़ाई एसजीआरआर पब्लिक स्कूल वसंत विहार से करने के बाद डीएवी पीजी कॉलेज से बीकॉम किया। इसी दौरान उन्होंने सीए सीपीटी (कॉमन प्रॉफिशिएंसी टेस्ट) पास कर लिया था।
रोहित ने बताया कि कोर्स के दौरान कई पड़ाव ऐसे आए कि मन निराश होता लेकिन मैंने हिम्मत बनाकर रखी। मेहनत जारी रखी। आज इसी का नतीजा सामने है। अब वह अपनी फर्म बनानकर इसी क्षेत्र में काम करेंगे।
टिप्स-
हिम्मत कभी मत हारो। निरंतर प्रयास करते रहोगे तो सफलता जरूर मिलेगी। सीए के लिए रोजाना कम से कम 12 से 14 घंटे स्टडी जरूरी है। डे प्लान बनाकर स्टडी करेंगे तो और बेहतर होगा।
नाना का डर दूर करने को सीए बन गया श्रेय वाधवा
मैं बचपन में देखता था कि मेरे नाना सीए से बहुत डरते थे। वे अक्सर कहते थे कि काश हमारे घर में भी कोई चार्टर्ड अकाउंटेंट होता। आखिरकार उनका डर खत्म करने और सपना पूरा करने के लिए मैं सीए बन गया। यह कहानी है मिलन विहार निवासी श्रेय वाधवा की। रिजल्ट आने के बाद परिवार में खुशी की लहर है।
श्रेय के पिता कमल वाधवा और मां दीपा वाधवा के लिए बृहस्पतिवार का दिन खुशियां लेकर आया। श्रेय के सीए बनने पर सभी खुश हैं। श्रेय ने 12वीं तक की पढ़ाई सेंट थॉमस से करने के बाद डीएवी से बीकॉम किया। बीकॉम के दौरान ही वर्ष 2013 में उन्होंने सीए सीपीटी क्वालिफाई कर लिया था।
उन्होंने बताया कि आज उनके लिए यह दोहरी खुशी इसलिए है क्योंकि नाना का डर दूर हो गया। रिजल्ट आते ही सबसे पहले उन्होंने नाना को फोन करके जानकारी दी तो नाना भी तपाक से बोले-बेटा, अब ठीक है।
श्रेय ने बताया कि उन्होंने मोहित गोयल एंड कंपनी से आर्टिकलशिप की है। मेरी सारी रिटर्न तू ही देखना। श्रेय अब शेयर बाजार में काम करना चाहते हैं। जिसके लिए वह जॉब के साथ ही फाइनेंस की पढ़ाई करेंगे।
टिप्स-
मैं खूब मस्ती करता था। खेलता था। दोस्तों संग घूमता था। बावजूद इसके अपनी स्टडी में पूरा अनुशासन रखता था। प्रतिदिन 12 से 14 घंटे पढ़ाई का टारगेट लेकर चलता था। मैं यह टिप्स देना चाहता हूं कि आप भी अपनी पढ़ाई में अनुशासन बनाएं।
पापा का सपना पूरा करने को वैभव अग्रवाल बने सीए
10वीं में पापा ने जो सपना दिखाया, आज वह पूरा हो गया। क्लेमेंटटाउन निवासी वैभव अग्रवाल ने सीए फाइनल पास कर लिया। उनके परिवार में खुशी की लहर है।
वैभव के पिता रमेश अग्रवाल और मां कुसुम अग्रवाल के लिए बृहस्पतिवार का दिन खुशियां लेकर आया। उन्होंने 10वीं पास करने के बाद बेटे को जो सपना दिखाया, आज बेटे ने वह पूरा कर दिया। वैभव ने सेंट मैरी स्कूल से 10वीं, एसजीआरआर पब्लिक स्कूल लालपुल से 12वीं पास की। इसके बाद डीएवी पीजी कॉलेज से बीकॉम किया। उन्होंने वर्ष 2012 में सीए सीपीटी क्वालिफाई किया। खास बात यह भी है कि वैभव ने हाल ही में कंपनी सेक्रेटरी एग्जीक्यूटिव लेवल की परीक्षा भी पास की है। यहां भी उनका फाइनल एग्जाम बचा हुआ है।
टिप्स-
मेहनत करिए, मुकाम जरूर मिलेगा। जहां हार मान ली, वहीं सीए रुक जाएगा। सीए बनना चाहते हो तो रोजाना 13 से 14 घंटे स्टडी की गांठ बांध लो। इसके बिना काम नहीं चलेगा।
चचेरे भाई से मिली प्रेरणा, आकांक्षा बनी सीए
चचेरे भाई के सीए बनने से आकांक्षा को प्रेरणा मिली। बृहस्पतिवार को वह भी सीए बन गईं। इससे उनके परिवार में खुशी की लहर है। प्रेमनगर निवासी मदनलाल गुलाटी और सुमन गुलाटी के लिए बृहस्पतिवार का दिन खुशियां लेकर आया। उनकी बेटी आकांक्षा ने बेहद मुश्किल मानी जाने वाली सीए परीक्षा पास कर ली।
आकांक्षा ने 12वीं तक की पढ़ाई श्री गुरुनानक पब्लिक स्कूल प्रेमनगर से की। इसके बाद डीएवी पीजी कॉलेज से बीकॉम किया। उन्होंने वर्ष 2014 में सीए सीपीटी एग्जाम पास किया। बीकॉम के साथ ही सीए की तैयारी में भी जुटी रहीं। उन्होंने बताया कि अब उनके परिवार में दो चार्टर्ड अकाउंटेंट हो गए हैं। वह फिलहाल किसी फर्म में जॉब करेंगी। इसके बाद अपनी फर्म चलाएंगी।
टिप्स-
एक ही लेखक की बुक से पढ़ना चाहिए। अलग-अलग लेखक की बुक्स से कंफ्यूजन हो सकता है। रोजाना 12 से 15 घंटे की स्टडी जरूरी है। गहराई से पढे़ं। ऊपरी तौर पर पढ़ने से एग्जाम पास नहीं कर सकते।