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अच्छी पहल, ग्रामीण शुरू करेंगे हाइडल प्रोजेक्ट
अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 22 May 2014 11:10 PM IST
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उत्तराखंड के टिहरी जिले के कुछ गांवों के लोगों ने मिलकर अब बिजली परियोजना शुरू करने का फैसला किया है। इसके लिए बाकायदा कंपनी का गठन भी किया जा चुका है। इन लोगों का इरादा एक मेगावाट तक बिजली उत्पादन का है।
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बृहस्पतिवार को इन लोगों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात कर योजना का पूरा खाका भी सामने रखा। खुद रावत इस योजना को स्थानीय रोजगार और बिजली की कमी को दूर करने का बेहतर उपाय मान रहे हैं।
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पहले से हैं योजनाएं
वैसे सरकारी स्तर पर एक मेगावाट से कम की करीब 750 परियोजनाएं प्रदेश में पहले से ही चिन्हित हैं। पर पूर्ववर्ती सरकार इन माइक्रो हाइडल प्रोजेक्टस को लेकर ही विवादों में घिर गई थी। ऐसे में माइक्रो हाइडल का मामला प्रदेश में ही अधर में लटक कर रह गया था।
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कंपनी का हुआ गठन
अब टिहरी के कर्णगांव, लसियाल गांव सहित करीब आधा दर्जन गांवों के लोगों मिलकर एक मेगावाट बिजली उत्पादन करने की योजना तैयार की है। इस योजना के तहत गांव के लोग अपने स्तर पर माइक्रो हाइडल परियोजना लगाएंगे और बिजली का उत्पादन कर ग्रिड में बिजली देंगे।
होगी 15 हजार की बचत
इसके लिए इन्होंने संगमन हाइड्रो प्रोड्यूसर कंपनी का गठन भी कर लिया है। संगमन कंपनी से जुड़े त्रिपन चौहान, विनोद बडोनी आदि के मुताबिक गांवों के स्तर पर बनी समिति में करीब 100 लोग सदस्य बन भी गए हैं।
अनुमान है कि सारे खर्चे निकालने के बाद ग्रिड में बिजली देने से इतना फायदा हो जाएगा कि हर सदस्य को प्रति माह 15 से 20 हजार रुपये तक की आय हो पाए।
सीएम के सामने रखा योजना का खाका
बृहस्पतिवार को विशेश्वर जोशी, त्रेपन चौहान, विनोद बडोनी, धनपाल, हरिकृष्ण आदि लोगों का प्रतिनिधिमंडल इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री हरीश रावत से भी मिला। मुख्यमंत्री हरीश रावत के सामने इन लोगों ने योजना का खाका रखा।
मुख्यमंत्री हरीश रावत का भी मानना है कि योजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार पनपेगा और बिजली की कमी को दूर करने मे भी इस तरह की योजनाएं कारगर साबित होंगी।