झोपड़ी में लगी भीषण आग, जिंदा जले सो रहे दो मासूम
ऊधमसिंह नगर में ट्यूबवेल की कोठरी में आग लगने से दो मासूम बच्चे जिंदा जल गए। साथ ही दो मवेशी भी इस भीषण अग्निकांड में झुलस कर मर गए।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। पीड़ित परिवार को खाद्यान सहायता के तौर पर तुरंत 68 सौ रुपए की सहायता राशि दी गई है। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मूल रूप से बंगाल निवासी शेख जफर पुत्र शेख सिद्दीक हाल में ग्राम कुदैयोंवाला में गुरचंद सिंह के फार्म में ट्यूबवेल को कोठरी में छप्पर डालकर परिवार समेत रहता है। बृहस्पतिवार तड़के शेख जफर पत्नी सोना और बड़े पुत्र शेख महरू के साथ गांव में गोबर उठाने गया हुआ था।
घर में उनका ढाई साल का पुत्र शेख रविउल और चार साल का पुत्र शेख राहुल सो रहे थे। करीब आधे घंटे बाद फार्म के मालिक गुरुचंद ने कोठरी से आग की लपटें उठती देखी।
भीषण आग में जलकर राख हुआ सबकुछ
अपने फार्म से आधा किलोमीटर दूर रहने वाले गुरचंद जब तक ग्रामीणों को लेकर घटनास्थल पर पहुंचते, भीषण आग में सब कुछ जलकर राख हो गया।
कोठरी में दोनों मासूमों की झुलसकर मौत हो चुकी थी और उनके शवों को पहचानना तक मुश्किल हो रहा था। इस भीषण अग्निकांड में एक बकरी और बछड़ा भी जलकर मर गया।
घर का सामान भी जलकर राख हो गया। सूचना पर एसडीएम पीएस राणा, तहसीलदार संजय कुमार, सीओ जीसी टम्टा, एसओ कुंडा रमेश तनवर, सूर्या चौकी इंचार्ज नासिर हुसैन घटनास्थल पर पहुंच गए।
पीड़ित परिवार को खाद्यान सहायता राशि दी जा चुकी है। दैवी आपदा के तहत मृतक प्रति व्यक्ति को चार लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। इस लिहाज से दो बच्चों का आठ लाख रुपये मुआवजा और जानवरों का 16 हजार रुपये मुआवजे देने की संस्तुति डीएम को भेजी गई है।
- पीएस राणा, एसडीएम, काशीपुर