फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   husband left his wife in hospital at dehradun

इलाज का बिल बढ़ा तो पति ने पत्नी को छोड़ा

Fri, 22 Aug 2014 03:48 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, हरिद्वार/ देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, हरिद्वार/ देहरादून Updated Fri, 22 Aug 2014 03:48 PM IST
विज्ञापन
husband left his wife in hospital at dehradun

किडनी में खराबी के चलते अस्पताल में भर्ती महिला के इलाज का बिल अधिक आया तो पति उसे अस्पताल में ही छोड़कर चला गया।

विज्ञापन


परिजनों ने अस्पताल पर महिला को कैद करने का आरोप लगाया है। जबकि अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि परिजनों को लगातार फोन कर बुलाया जा रहा है। अस्पताल बिल में छूट देने के लिए भी तैयार है।

हरिद्वार के बहादराबाद ब्लाक के ग्राम बहादरपुर जट्ट निवासी किरण तोमर पत्नी धर्मेंद्र तोमर को दो जुलाई को सिनर्जी अस्पताल में दाखिल कराया गया था।

किरण की किडनी हो चुकी है फेल

husband left his wife in hospital at dehradun

सिनर्जी अस्पताल आने से कुछ दिन पूर्व ही किरण का बच्चा हुआ था। तबीयत बिगड़ने के बाद ज्वालापुर से उन्हें रेफर किया गया था।

सिनर्जी अस्पताल में उपचार के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि किरण की किडनी फेल हो चुकी है। इसके चलते उन्हें डायलिसिस पर रखा गया।

दस दिन के उपचार का बिल दो लाख रुपए बना। महिला को डिस्चार्ज कराने के लिए उनके पति धर्मेंद्र कुमार से कहा गया तो उन्होंने सीएम राहत कोष से रुपए आने की बात कही।

विज्ञापन
विज्ञापन

राहत कोष से मिले एक लाख 72 हजार रुपए

husband left his wife in hospital at dehradun

बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र ने कोष से मदद मिलने तक उपचार जारी रखने की बात कही। अगस्त के पहले सप्ताह में अस्पताल के खाते में राहत कोष से एक लाख 72 हजार रुपए आए, लेकिन तब तक बिल चार लाख 96 हजार हो चुका था।

अस्पताल ने बाकी रकम चुकाने के लिए कहा तो धर्मेंद्र पत्नी को यहीं छोड़कर घर चला गया। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक एक सप्ताह से वह पत्नी को देखने तक नहीं आया है।

उधर, परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने महिला को कैद कर लिया है। इससे नाराज ग्रामीण गुरुवार को ट्रैक्टर ट्राली में भरकर रोशनाबाद स्थित डीएम कार्यालय पहुंचे।

उन्होंने डीएम से मिलकर महिला को मुक्त कराने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार डीएम डी सेंथिल पांडियन ने ग्रामीणों को शीघ्र ही कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

उधर, किरण का कहना है कि अस्पताल में उसके साथ अच्छा व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने अस्पताल कर्मियों से पूरी मदद मिलने की बात कही। कहा कि उनके पति शुक्रवार को उन्हें लेने आ सकते हैं।

विज्ञापन

चंदे से जुटाए थे दो लाख रुपए

husband left his wife in hospital at dehradun

किरण के पति धर्मेंद्र की आर्थिक स्थिति दयनीय है। वह मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन कर रहा है।

ग्रामीण वीर सिंह ने बताया कि किरण के इलाज के लिए ग्रामीणों ने दो लाख रुपए का चंदा किया था। यह रकम अस्पताल में जमा की है। लेकिन इससे ज्यादा रकम जुटाना मुश्किल है।

महिला को कैद करने की बात बेबुनियाद है। हम तो धर्मेंद्र का इंतजार कर रहे हैं। धर्मेंद्र ने हरिद्वार डीएम को भ्रमित कर बिल की रकम सात लाख बताई है, जबकि डेढ़ माह का कुल बिल 4,96,520 रुपए बना है। यह बिल भी धर्मेंद्र की जिद के कारण ही बना। हमने तो एक माह पहले ही किरण को डिस्चार्ज कर दिया था। इस अवधि में किरण का डायलिसिस और कई गंभीर ऑपरेशन हुए हैं। हम तो कह रहे हैं कि धर्मेंद्र आकर अपनी पत्नी को ले जाए।
- कृष्ण अवतार, प्रबंध निदेशक, सिनर्जी हास्पिटल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed