पत्नी की हुई मौत तो फांसी लगाकर पति ने दी जान
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पत्नी की मौत के गम ने पति को इस कदर तोड़ दिया कि पत्नी का शव घर में रखा रहा और उसने फांसी लगा ली। दोनों की चिताएं साथ-साथ जलीं। आत्हत्या का कारण डिप्रेशन बताया जा रहा है।
उत्तराखंड के टिहरी स्थित चिलामू गांव निवासी सुभाष (28) की पत्नी मोना देवी (23) पिछले कई दिनों से बीमार चल रही थी। मोना का देहरादून के महंत इंद्रेश अस्पताल में इलाज चल रहा था। मोना छह की गर्भवती थी। सोमवार को मोना ने अस्पताल में अंतिम सांस ली।
रात 11 बजे परिजन उसका शव लेकर गांव पहुंचे। तड़के सुबह ही सुभाष घर से निकलकर चला गया। काफी देर बीत जाने पर भी जब वह नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। सुबह सात बजे उसका शव घर से 50 मीटर दूर एक पेड़ पर लटका हुआ मिला।
लोग सुभाष के घर पर पत्नी की अर्थी तैयार कर रहे थे, सुभाष की मौत की खबर मिलते ही घटनास्थल की तरफ भागे।
एक साथ उठी पति-पत्नी की अर्थी
सुभाष की आत्महत्या की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया। सुभाष और उसकी पत्नी मोना की अर्थी घर के आंगन से एक साथ उठी। इस दौरान पूरे गांव पर दोनों की मौत का मातम छाया रहा। उसकी मां लीला देवी बेटे की मौत की खबर सुनते ही बेहोश हो गई।
सुभाष के दोनों बच्चों अजय और सूरज को बूढ़ी दादी से चिपक कर ढाढ़स बंधाता देख हर किसी की आंख में नम हो गई। यमुना किनारे दोनों का दाह संस्कार किया गया।
बूढ़ी मां के कंधों पर आई जिम्मेदारी
मोना सुभाष की दूसरी पत्नी थी। उसकी पहली पत्नी की मौत 22 सितंबर 2013 को हो गई थी। उसके दो बेटे सूरज (6) और अजय (8) हैं। सुभाष और मोना की मौत के बाद उसके दोनों बच्चों की जिम्मेदारी बूढ़ी मां लीला देवी के कंधों पर आ गई है। मां के अलावा परिवार में कोई सदस्य नहीं है। सुभाष की सुमन क्यारी में दुकान थी।