फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   hunting of man eater.

शिकारी को पसंद नहीं नरभक्षी का शिकार, आखिर क्यों?

Tue, 30 Sep 2014 12:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पौड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, पौड़ी Updated Tue, 30 Sep 2014 12:34 AM IST
विज्ञापन
hunting of man eater.

अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को आदमखोर के भय निजात दिलाने वाले शिकारियों को वन विभाग बंदूक की गोली तक का खर्चा नहीं देता है। आज जिम कार्बेट माने जाने वाले ये शिकारी अपने खर्च से काम करते हैं।

विज्ञापन


वन विभाग गुलदार को आदमखोर घोषित कर शिकारी को क्षेत्र में तो भेजते हैं, लेकिन आने जाने का खर्चा तक नहीं दिया जाता है।

यहां तक कि शिकारी को गुलदार को मारने के लिए बंदूक की गोली तक खुद खरीदनी पड़ती है। ऐसे में इस कार्य के लिए आधुनिक तकनीकी की बंदूक की सुविधा मुहैया कराना दूर की बात है।
विज्ञापन


चर्चित शिकारी पौड़ी के लोअर चोपड़ा निवासी जॉय हुकिल कहते हैं कि आधुनिक सुविधा मुहैया हो जाए तो यह कार्य काफी आसान हो जाएगा।

लोगों का दर्द देखकर उठाते हैं बंदूक

hunting of man eater.

उनका कहना है कि संबंधित क्षेत्र के लोग उनके गांव में रहने और खाने की व्यवस्था करा देते हैं। विभाग की ओर अन्य कोई सुविधा नहीं दी जाती है।

शिकारी जॉय हुकिल बताते हैं कि इस कार्य के लिए वे अपनी विदेशी राइफल का उपयोग करते हैं। जिसकी गोली विदेश से आती है।

उनका कहना है कि उन्हें इस जानवर को मारने का मन नहीं करता लेकिन खूंखार होने पर लोगों का दर्द नहीं देखा जाता। इसलिए इसका शिकार करने को मजबूर होना पड़ता है।

आदमखोर घोषित गुलदार को मारने के लिए तैनात किए जाने वाले शिकारियों को वन विभाग द्वारा कोई खर्चा नहीं दिया जाता है। गुलदार को मारने के लिए उक्त शिकारी स्वयं सेवक की तरह कार्य कर समाज सेवा का कार्य क रते हैं।
-राजमणि पांडे प्रभागीय वनाधिकारी गढ़वाल वन प्रभाग पौड़ी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed